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राज्य विधानमंडल के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव कौन करता है? | प्रत्येक राज्य विधान सभा जल्द से जल्द दो सदस्यों का चुनाव स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के रूप में करती है। |
विधान परिषद के अध्यक्ष और उप-अध्यक्ष की नियुक्ति कौन करता है? | राज्य विधान परिषद जल्द से जल्द दो सदस्यों का चुनाव चेयरमैन और ডেপুটি चेयरमैन के रूप में करती है। |
राज्य विधानमंडल के सदस्यों को शपथ लेने से पहले क्या करना आवश्यक है? | प्रत्येक राज्य विधान सभा या विधान परिषद के सदस्य को अपनी सीट ग्रहण करने से पहले राज्यपाल या उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति के सामने एक शपथ या प्रतिज्ञान लेना होगा। |
विधानमंडल की बैठक में प्रश्नों का निर्धारण किसके बहुमत से किया जाता है? | राज्य के विधानमंडल की किसी भी बैठक में सभी उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत से, जिसमें अध्यक्ष या सभापति शामिल न हों। |
अध्यक्ष या सभापति पहली बार में वोट कर सकते हैं क्या? | नहीं, अध्यक्ष या सभापति पहले वोट नहीं करते हैं, लेकिन वोटों की बराबरी होने पर निर्णायक मत दे सकते हैं। |
राज्य विधानमंडल के सदस्यों की सदस्यता में रिक्ति होने पर भी सदन को कार्य करने की शक्ति है क्या? | हाँ, राज्य विधानमंडल के पास उसकी सदस्यता में किसी भी रिक्ति के बावजूद कार्य करने की शक्ति होती है। |
एक बैठक के लिए आवश्यक गणपूर्ति (quorum) कितनी होनी चाहिए? | गणपूर्ति दस सदस्यों या सदन के कुल सदस्यों का एक-दसवां हिस्सा, जो भी अधिक हो, वह होना चाहिए। |
यदि किसी बैठक में गणपूर्ति नहीं है तो अध्यक्ष या सभापति क्या कर सकते हैं? | अध्यक्ष या सभापति सदन को स्थगित कर सकते हैं या गणपूर्ति होने तक बैठक निलंबित कर सकते हैं। |
राज्य विधानमंडल के सदस्यों की सदस्यता से संबंधित एक प्रतिबंध क्या है? | कोई व्यक्ति राज्य के दोनों सदनों का सदस्य नहीं हो सकता, और यदि ऐसा होता है तो कानून द्वारा पद त्यागने का प्रावधान होना चाहिए। |
दो या अधिक राज्यों के विधानमंडल में किसी व्यक्ति की सदस्यता समाप्त कब होती है? | यदि कोई व्यक्ति दो या अधिक निर्दिष्ट राज्यों के विधानमंडलों का सदस्य चुना जाता है, तो उस अवधि की समाप्ति पर उसकी सीट रिक्त हो जाती है जब तक कि उसने एक से अधिक राज्यों के विधानमंडल से पद त्याग नहीं दिया हो। |
किसी राज्य विधानमंडल के सदस्य को अयोग्य ठहराने वाले कारकों में क्या शामिल है? | इसमें भारत सरकार या प्रथम अनुसूची में निर्दिष्ट किसी राज्य सरकार के लाभ का कोई पद धारण करना, दिवालिया होना, या विदेशी राज्य की नागरिकता प्राप्त करना शामिल है। |
यदि किसी सदस्य को अयोग्य ठहराने संबंधी प्रश्न उठता है तो वह किसके निर्णय के लिए संदर्भित किया जाएगा? | वह प्रश्न राज्यपाल के निर्णय के लिए भेजा जाएगा और उनका निर्णय अंतिम होगा। |
यदि कोई सदस्य शपथ लेने से पहले या अयोग्य होने पर बैठता है तो उसे क्या दंड भुगतना पड़ सकता है? | उसे प्रत्येक दिन के लिए पाँच सौ रुपये का जुर्माना लग सकता है, जिसे राज्य के ऋण के रूप में वसूल किया जाएगा। |
प्रत्येक राज्य की विधानमंडल में भाषण की स्वतंत्रता किस पर निर्भर करती है? | यह इस संविधान और विधानमंडल की प्रक्रिया को विनियमित करने वाले नियमों और कार्यप्रणाली पर निर्भर करती है। |
राज्य के सदस्यों को वेतन और भत्ते कौन निर्धारित करते हैं? | राज्य विधानमंडल द्वारा कानून द्वारा समय-समय पर तय किए गए अनुसार सदस्य को वेतन और भत्ते प्राप्त करने का हकदार होगा। |
मनी बिल क्या है, जिसके लिए एक विशिष्ट प्रक्रिया है? | एक विधेयक को मनी बिल माना जाएगा यदि उसमें केवल कर के आरोपण, उन्मूलन, छूट, परिवर्तन या विनियमन से संबंधित प्रावधान हों। |
राज्य के संचित निधि से धन का भुगतान या निकासी किसमें शामिल है? | राज्य के संचित निधि में धन जमा करना या उससे धन निकालना इसमें शामिल है। |
किसी विधेयक को मनी बिल नहीं माना जाएगा यदि वह जुर्माने या शुल्क की मांग से संबंधित हो, क्या यह सत्य है? | यह सत्य है कि जुर्माना या शुल्क की मांग करने वाला विधेयक मनी बिल नहीं होगा। |
यदि किसी राज्य विधानमंडल में विधान परिषद है तो मनी बिल होने का निर्णय कौन करेगा? | ऐसे मामले में उस राज्य की विधान सभा के अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होगा। |
जब एक विधेयक को विधान परिषद को भेजा जाता है तो क्या स्पीकर का प्रमाण पत्र संलग्न होना चाहिए? | हाँ, विधेयक को भेजे जाने पर स्पीकर का यह प्रमाणित करने वाला प्रमाण पत्र संलग्न होना चाहिए कि वह मनी बिल है। |
राज्य के विधानमंडल द्वारा पारित होने के बाद विधेयक को राज्यपाल के पास प्रस्तुत करने पर राज्यपाल क्या कर सकता है? | राज्यपाल या तो सहमति दे सकते हैं, या सहमति रोक सकते हैं, या राष्ट्रपति के विचारार्थ रख सकते हैं। |
यदि राज्यपाल किसी विधेयक पर सहमति नहीं देते हैं और उसे वापस भेजते हैं तो वह किस स्थिति में होना चाहिए? | यह तब होना चाहिए जब विधेयक मनी बिल न हो। |
राज्यपाल किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचारार्थ क्यों रख सकते हैं? | यदि राज्यपाल का मत है कि यदि वह कानून बन जाता है तो वह उच्च न्यायालय की शक्तियों से वंचित कर देता है और उस स्थिति को खतरे में डालता है। |
जब किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित किया जाता है तो राष्ट्रपति क्या निर्णय लेते हैं? | राष्ट्रपति या तो सहमति दे सकते हैं या सहमति रोक सकते हैं। |
वित्तीय वर्ष के लिए राज्य की अनुमानित आय और व्यय का विवरण कौन प्रस्तुत करता है? | राज्यपाल हर वित्तीय वर्ष के लिए यह विवरण विधानमंडल के समक्ष रखते हैं। |
संचित निधि पर आरोपित व्यय में राज्यपाल और उनके कार्यालय से संबंधित क्या शामिल है? | इसमें राज्यपाल और उनके कार्यालय से संबंधित emoluments और भत्ते शामिल हैं। |
राज्य के संचित निधि से धन की निकासी किस कानून द्वारा होनी चाहिए? | संचित निधि से कोई धन केवल इस अनुच्छेद के अनुसार पारित किए गए विनियोग (appropriation) द्वारा ही निकाला जा सकता है। |
विधानसभा द्वारा अनुदान दिए जाने के बाद कौन सा विधेयक पेश किया जाता है? | राज्य के संचित निधि से आवश्यक सभी धन के लिए विनियोग प्रदान करने वाला एक विधेयक पेश किया जाता है। |
किसके सुझाव पर ही कोई अनुदान की मांग की जा सकती है? | किसी भी अनुदान की मांग राज्यपाल के सुझाव पर ही की जा सकती है। |
राज्य विधानमंडल में व्यवसाय किस भाषा में किया जा सकता है? | व्यवसाय राज्य की आधिकारिक भाषा या भाषाओं में, हिंदी या अंग्रेजी में किया जा सकता है। |
राज्य की विधानमंडल के सदस्यों या अधिकारियों को किस न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं रखा जाएगा? | जो व्यक्ति संविधान के तहत प्रक्रिया या कार्य संचालन को विनियमित करने, या व्यवस्था बनाए रखने के लिए शक्तियाँ रखता है, वह किसी भी न्यायालय के अधीन नहीं होगा। |
राज्य की विधानमंडल की कार्यवाही की वैधता किस आधार पर सवाल नहीं उठाया जा सकता? | किसी कथित प्रक्रियात्मक अनियमितता के कारण राज्य की विधानमंडल की किसी भी कार्यवाही की वैधता पर प्रश्नचिह्न नहीं लगाया जाएगा। |
राज्यपाल अध्यादेश जारी कर सकते हैं यदि राज्य विधानसभा सत्र में न हो, तो क्या शर्त है? | यदि राज्यपाल संतुष्ट हैं कि ऐसी परिस्थितियाँ मौजूद हैं जिनके कारण उन्हें तत्काल कार्रवाई करना आवश्यक है, तो वह ऐसे अध्यादेश जारी कर सकते हैं। |
राज्यपाल द्वारा अध्यादेश जारी करने पर राष्ट्रपति की पूर्व सहमति क्यों आवश्यक नहीं हो सकती? | यदि ऐसा अध्यादेश किसी विधेयक के समान प्रावधान रखता है जिसे संविधान के तहत राष्ट्रपति की पूर्व मंजूरी की आवश्यकता होती, तो राज्यपाल इसे जारी नहीं करेंगे। |
इस अनुच्छेद के तहत जारी किए गए अध्यादेश का क्या प्रभाव होता है? | ऐसे अध्यादेश का वही बल और प्रभाव राज्य की विधानमंडल द्वारा स्वीकृत अधिनियम का होगा। |
राज्य की विधानमंडल के सदस्यों या अधिकारियों को किस न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं रखा जाएगा? | किसी भी राज्य की विधानमंडल के न्यायाधीशों की कार्यप्रणाली के संबंध में कोई चर्चा नहीं होगी। |
प्रत्येक राज्य के लिए कितने उच्च न्यायालय होंगे? | प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा। |
उच्च न्यायालयों को किस प्रकार का न्यायालय होना चाहिए और उनमें क्या शक्ति होनी चाहिए? | हर उच्च न्यायालय एक रिकॉर्ड न्यायालय होगा और उसमें स्वयं के प्रति घृणा (contempt) करने की शक्ति सहित सभी शक्तियों का होना चाहिए। |
उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति कौन करता है? | भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश और राज्य के राज्यपाल से परामर्श के बाद नियुक्त किया जाता है। |
एक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद से इस्तीफा देने का तरीका क्या है? | एक न्यायाधीश अपने हस्ताक्षर के साथ राष्ट्रपति को संबोधित एक लिखित पत्र द्वारा अपना पद त्याग सकता है। |
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बनने के लिए योग्यता में क्या शामिल होना चाहिए? | व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए और कम से दस वर्षों तक भारत के क्षेत्र में न्यायिक पद धारण किया हो या उच्च न्यायालय में अधिवक्ता रहा हो। |
यदि किसी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त हो तो कार्यभार कौन निभाएगा? | राष्ट्रपति द्वारा उस न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों में से किसी एक को नियुक्त किया जाएगा। |
उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को वेतन किसके द्वारा निर्धारित किए जाते हैं? | संसद द्वारा कानून द्वारा निर्धारित किए जाने वाले वेतन दिए जाएंगे। |
राष्ट्रपति किस आधार पर एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय में किसी न्यायाधीश का तबादला कर सकते हैं? | राष्ट्रपति भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद यह स्थानांतरण कर सकते हैं। |
उच्च न्यायालय के अतिरिक्त या कार्यवाहक न्यायाधीशों को अधिकतम कितनी आयु तक पद धारण करने की अनुमति है? | कोई भी व्यक्ति जो उच्च न्यायालय का अतिरिक्त या कार्यवाहक न्यायाधीश नियुक्त होता है, वह साठाईस वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद पद धारण नहीं करेगा। |
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश या किसी अन्य उच्च न्यायालय के अधिकारी को राज्य के उच्च न्यायालय में बैठने और कार्य करने के लिए अनुरोध किया जा सकता है। | हाँ, ऐसा किया जा सकता है। |
जब कोई व्यक्ति उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनकर कार्य करता है तो उसे क्या प्राप्त होता है? | उसे राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित किए गए भत्ते और उस उच्च न्यायालय के सभी अधिकार, शक्तियाँ और विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं। |
किसी मौजूदा उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार की प्रकृति कैसी रहती है? | यह इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले जैसी ही रहेगी। |
मौजूदा उच्च न्यायालयों के लिए राजस्व संबंधी मामलों में कोई प्रतिबंध क्या नहीं रहेगा? | जो भी प्रतिबंध पूर्व में थे, वे अब लागू नहीं होंगे। |
उच्च न्यायालय को किस प्रकार के आदेश या रिट जारी करने की शक्ति है? | इसमें बंदी प्रत्यक्षीकरण (habeas corpus), परमादेश (mandamus), प्रतिषेध (prohibition), उत्प्रेषण (quo warranto) और सर्टिओरारी (certiorari) जैसे रिट शामिल हैं। |
उच्च न्यायालय को किसी सरकारी प्राधिकरण या व्यक्ति को निर्देश जारी करने की शक्ति कब प्रयोग की जा सकती है? | यह उन क्षेत्रों के भीतर किया जा सकता है जहाँ वह क्षेत्राधिकार का प्रयोग करता है। |
यदि किसी याचिका पर अंतरिम आदेश दिया जाता है तो उस आदेश को रद्द कराने के लिए आवेदन कहाँ किया जा सकता है? | उच्च न्यायालय में आवेदन किया जा सकता है। |
किसी उच्च न्यायालय द्वारा दी गई शक्ति सर्वोच्च न्यायालय की शक्ति से कम नहीं होती, यह किस अनुच्छेद के तहत बताया गया है? | यह बात अनुच्छेद 226 में कही गई है। |
उच्च न्यायालयों को अपने क्षेत्राधिकार वाले सभी न्यायालयों और न्यायाधिकरणों पर क्या अधिकार होता है? | उच्च न्यायालयों को उन पर निरीक्षण (superintendence) का अधिकार होता है। |
उच्च न्यायालय किस प्रकार के नियम बना सकता है? | यह अधीनस्थ न्यायालयों की कार्यप्रणाली और कार्यवाही को विनियमित करने के लिए सामान्य नियम बना सकता है। |
यदि उच्च न्यायालय किसी मामले को अपने पास स्थानांतरित करता है तो वह क्या कर सकता है? | वह स्वयं मामले का निपटारा कर सकता है या उस कानूनी प्रश्न का निर्धारण करके मामला वापस भेज सकता है। |
किसी राज्य के उच्च न्यायालय के कर्मचारियों की नियुक्ति कौन करता है? | उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश या वह अधिकारी जो उसे निर्देशित करे, नियुक्ति करते हैं। |
जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति कौन करता है? | राज्य के राज्यपाल, उच्च न्यायालय से परामर्श करके जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति करते हैं। |
किसी राज्य के न्यायिक सेवा में गैर-जिला न्यायाधीशों की भर्ती किसके द्वारा की जाती है? | राज्य के राज्यपाल द्वारा, राज्य लोक सेवा आयोग और संबंधित उच्च न्यायालय से परामर्श के बाद। |
जिला न्यायालयों पर नियंत्रण कौन रखता है? | उच्च न्यायालय जिला न्यायालयों और उनसे अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण रखता है। |
जिला न्यायाधीश की परिभाषा में कौन-कौन से पद शामिल हैं? | जिला न्यायाधीश की परिभाषा में नगर सिविल कोर्ट के जज, अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, संयुक्त जिला न्यायाधीश, सहायक जिला न्यायाधीश, लघु कारण न्यायालय, मुख्य प्रेसीडेंसी मजिस्ट्रेट और अन्य संबंधित पद शामिल हैं। |
न्यायिक सेवा से क्या तात्पर्य है? | न्यायिक सेवा का अर्थ उन व्यक्तियों की सेवा से है जिन्हें जिला न्यायाधीश के पद और जिला न्यायाधीश से निम्नतर अन्य सिविल न्यायिक पदों को भरने के लिए अभिप्रेत किया जाता है। |
राज्यपाल किस प्रकार के मजिस्ट्रेटों के संबंध में इस अध्याय के प्रावधानों को लागू करने का निर्देश दे सकते हैं? | राज्यपाल सार्वजनिक अधिसूचना द्वारा राज्य के किसी वर्ग या वर्गों के मजिस्ट्रेटों के संबंध में इन प्रावधानों और उनके तहत बनाए गए नियमों को लागू करने का निर्देश दे सकते हैं। |
संघ शासित प्रदेशों का प्रशासन कौन करता है? | कानून द्वारा अन्यथा प्रदान न किए जाने पर, प्रत्येक संघ शासित प्रदेश का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त प्रशासक के माध्यम से किया जाएगा। |
राष्ट्रपति किसी राज्य के राज्यपाल को किस रूप में नियुक्त कर सकते हैं? | राष्ट्रपति किसी राज्य के राज्यपाल को एक समीपवर्ती संघ शासित प्रदेश के प्रशासक के रूप में नियुक्त कर सकते हैं। |
पुडुचेरी के लिए संसद कानून द्वारा क्या बना सकती है? | संसद पुडुचेरी के लिए एक निकाय, चाहे वह निर्वाचित हो या आंशिक रूप से नामांकित और आंशिक रूप से निर्वाचित हो, को विधानमंडल के रूप में कार्य करने के लिए बना सकती है। |
दिल्ली संघ शासित प्रदेश का नाम क्या है? | संघ शासित प्रदेश दिल्ली का नाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र है। |
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए विधान सभा में सीटों की संख्या कौन निर्धारित करता है? | राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधान सभा में सीटों की कुल संख्या, अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटें और क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों का विभाजन संसद द्वारा बनाए गए कानून द्वारा विनियमित किए जाएंगे। |
विधानसभा द्वारा बनाए गए किसी कानून के प्रावधानों को किस स्थिति में संसद द्वारा बनाए गए कानून से पहले माना जाता है? | यदि विधानसभा द्वारा बनाए गए कानून का कोई प्रावधान संसद द्वारा बनाए गए कानून के प्रावधान के विपरीत है, तो संसद द्वारा बनाया गया कानून प्रभावी होगा। |
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मंत्रिपरिषद में अधिकतम कितने प्रतिशत सदस्य हो सकते हैं? | विधानसभा में कुल सदस्यों की संख्या का दस प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। |
मुख्य मंत्री की नियुक्ति कौन करता है? | मुख्य मंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। |
राष्ट्रपति किन परिस्थितियों में अनुच्छेद 239AA के प्रावधानों को निलंबित कर सकते हैं? | यदि यह संतुष्ट हो कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का प्रशासन अनुच्छेद 239AA या उस कानून के अनुसार नहीं किया जा सकता है, तो राष्ट्रपति प्रावधानों को निलंबित कर सकते हैं। |
संघ शासित प्रदेशों के लिए राष्ट्रपति क्या विनियमन बना सकते हैं? | राष्ट्रपति अंडमान और निकोबार द्वीप समूह जैसे संघ शासित प्रदेशों के शांति, प्रगति और सुशासन के लिए नियम बना सकते हैं। |
पुडुचेरी के विधानमंडल के भंग होने पर राष्ट्रपति क्या कर सकते हैं? | विधानमंडल के भंग होने की अवधि के दौरान राष्ट्रपति उस संघ शासित प्रदेश के शांति, प्रगति और सुशासन के लिए विनियमन बना सकते हैं। |
राष्ट्रपति द्वारा बनाए गए किसी विनियमन का प्रभाव कैसा होता है? | राष्ट्रपति द्वारा बनाया गया कोई भी विनियमन संसद या वर्तमान में लागू किसी अन्य कानून को निरस्त कर सकता है या उसमें संशोधन कर सकता है, और यह समान बल रखेगा। |
संघीय क्षेत्रों के लिए उच्च न्यायालय गठित करने या किसी अदालत को उच्च न्यायालय घोषित करने की शक्ति किसके पास है? | संसद कानून द्वारा संघीय क्षेत्र के लिए एक उच्च न्यायालय का गठन कर सकती है या किसी अदालत को उच्च न्यायालय घोषित कर सकती है। |
संघीय क्षेत्रों से संबंधित हर उच्च न्यायालय पर किस अध्याय के प्रावधान लागू होते हैं? | भाग VI के अध्याय V के प्रावधान लागू होते हैं, जिन्हें संसद द्वारा कानून द्वारा संशोधित किया जा सकता है। |
किसी राज्य में पंचायतों का गठन किन स्तरों पर किया जाना चाहिए? | प्रत्येक राज्य में ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर पंचायतें गठित की जानी चाहिए। |
ग्राम सभा क्या है और यह किस स्तर पर कार्य करती है? | ग्राम सभा एक ऐसी संस्था है जिसमें गाँव के भीतर पंजीकृत व्यक्ति होते हैं और यह ग्राम स्तर पर कार्य करती है। |
पंचायत की परिभाषा क्या है? | पंचायत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अनुच्छेद 243B के तहत गठित स्वशासन की एक संस्था है। |
मध्यवर्ती स्तर पर पंचायतों का गठन किस शर्त से संबंधित है? | जिन राज्यों की जनसंख्या बीस लाख से अधिक नहीं है, वहां मध्यवर्ती स्तर पर पंचायतें गठित नहीं की जा सकती हैं। |
पंचायत के सदस्यों की नियुक्ति कैसे की जाती है? | पंचायत में सभी सीटें पंचायत क्षेत्र के निर्वाचित मतदाताओं द्वारा सीधे चुनाव से भरी जाएंगी। |
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सीटों का आरक्षण किस अनुपात पर होना चाहिए? | आरक्षणित सीटों की संख्या उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या के कुल जनसंख्या से लगभग समान अनुपात में होनी चाहिए। |
हर पंचायत में महिलाओं के लिए कम से कम कितना प्रतिशत सीटें आरक्षित होनी चाहिए? | प्रत्येक पंचायत में सीधे चुनाव द्वारा भरी जाने वाली सीटों का कम से कम एक-तिहाई हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित होना चाहिए। |
पंचायत की अवधि कितनी होती है? | किसी भी पंचायत, जब तक उसे भंग नहीं कर दिया जाता, वह अपनी पहली बैठक के लिए निर्धारित तिथि से पाँच साल तक चलती रहेगी और उससे अधिक नहीं। |
पंचायतों के खातों के रखरखाव और लेखा परीक्षा के संबंध में राज्य विधानमंडल क्या प्रावधान कर सकता है? | राज्य विधानमंडल पंचायतों द्वारा खातों के रखरखाव और उन खातों की लेखा परीक्षा के संबंध में प्रावधान बना सकता है। |
पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने के लिए वित्त आयोग का गठन कौन करता है? | राज्य के राज्यपाल, संविधान (सत्तरती संशोधन अधिनियम, 1992) के प्रारंभ से एक वर्ष के भीतर या हर पांच साल में वित्त आयोग का गठन करते हैं। |
पंचायतों को शक्तियां और अधिकार प्रदान करने वाला राज्य विधानमंडल किन क्षेत्रों के लिए प्रावधान कर सकता है? | आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाओं के कार्यान्वयन सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्रावधान किया जा सकता है। |
पंचायतों की सदस्यता के लिए अयोग्यता से संबंधित प्रश्न किसे संदर्भित करने के लिए भेजे जाएंगे? | यदि कोई प्रश्न पंचायत सदस्य द्वारा बताई गई किसी भी अयोग्यता के अधीन होने के बारे में उठता है, तो इसे राज्य विधानमंडल द्वारा निर्धारित तरीके से एक प्राधिकरण को भेजा जाएगा। |
पंचायतों के लिए मतदाता सूचियों की तैयारी और सभी चुनावों का संचालन किसके पास निहित होगा? | एक राज्य चुनाव आयोग, जिसे राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाता है, के पास पंचायतों के लिए मतदाता सूचियों की तैयारी और सभी चुनावों के संचालन की देखरेख, निर्देशन और नियंत्रण निहित होगा। |
राज्य चुनाव आयोग द्वारा अनुरोध किए जाने पर राज्य के राज्यपाल को क्या करना चाहिए? | राज्य के राज्यपाल को राज्य चुनाव आयोग को आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराना चाहिए। |
संविधान के प्रावधानों के अधीन, राज्य की विधानमंडल पंचायतों से संबंधित सभी मामलों के लिए कानून बना सकता है। यह किस अनुच्छेद में दिया गया है? | यह प्रावधान संविधान के उस भाग में दिया गया है जो पंचायतों से संबंधित है। |
इस भाग के प्रावधान किन क्षेत्रों पर लागू होते हैं? | इन प्रावधानों काbigcup territories (संघ राज्य क्षेत्रों) पर भी लागू होता है। |
किस अनुच्छेद के तहत राष्ट्रपति किसी संघ क्षेत्र या उसके हिस्से पर इस भाग के प्रावधानों को लागू करने का निर्देश दे सकते हैं? | राष्ट्रपति सार्वजनिक अधिसूचना द्वारा ऐसा निर्देश दे सकते हैं। |
इस भाग किन क्षेत्रों पर लागू नहीं होता है? | यह अनुसूचित क्षेत्रों और अनुच्छेद 244 के तहत संदर्भित आदिवासी क्षेत्रों पर लागू नहीं होता है। |
किन राज्यों को इस भाग से छूट दी गई है? | नागालैंड, मेघालय और मिजोरम इन राज्यों को इस भाग से छूट प्राप्त है। |
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले की पहाड़ी क्षेत्रों पर किस बात का उल्लेख किया गया है? | इन क्षेत्रों पर जिला स्तर पर पंचायतों से संबंधित कोई भी प्रावधान लागू नहीं होगा। |
किस अनुच्छेद में नगर पालिकाओं (Municipalities) की परिभाषा दी गई है? | अनुच्छेद 243P में नगर पालिकाओं के संबंध में परिभाषाएं दी गई हैं। |
हर राज्य में किस प्रकार की तीन संस्थाओं का गठन किया जाना चाहिए? | एक नागर पंचायत, एक नगर परिषद और एक नगर निगम का गठन किया जाना चाहिए। |
नगर पालिकाओं के लिए कौन सी चीज़ आवश्यक है जिसे राज्य विधानमंडल कानून द्वारा प्रदान कर सकता है? | राज्य विधानमंडल नगरपालिकाओं को स्वयं-शासन की संस्थाओं के रूप में कार्य करने के लिए शक्तियाँ और अधिकार प्रदान कर सकता है। |
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