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ारक भवन,, पार्क,, पॉलीटेक्निक कॉलेज,, हॉस्पिटल,, पावर हाउस, ावर ग्रिड इ त्यादि का निर्माण प्रमुख हैं।। पैतृक ग ांव माउर,, बरबीघ ा य हां उनकी स्मृति में एक प्रव ेश द्वार बन ाया ग या है,, श्री बाब के पै तृक आावस पर व बरबीघा चक पर एकएक प्रतिमा स्थापित क ीगई है,, विभिन्न शिक्ष ण संस्थाओं का नामांकरण श्रीबाबू की स्मृति में ...
गई है, विभिन्न शिक्षण संस्थाओं का नामांकरण श्रीबाबू की स्मृति में किया गया है इत्यादि। कर्मभूमि गढ़पुरा सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान गांधी जी ने गुजरात में साबरमती आश्रम से लगभग 340 किलोमीटर की पदयात्रा कर दांडी में अंग्रेजी हुकूमत के काले नमक कानून को भंग किया था। गांधी जी के आहवान पर बिहार में बिहार केसरी डॉ श्रीकृष्...
नामांकरण श्रीबाबू की स्मृति में किया गया है इत ्यादि।। कर्मभूमि गढ़पुर ा सविनय अव जञ्ा आंदोलन के दौरान गां धी जी ने गुजरात में साबरमती आ श्रम से लगभ ग 340 किलोमीटर की पयात्रा क र ांदडी में अंग्रेजी हुक ूमत के काले नमक कानू न को भंग क ियाथ ा।। गांधी जी के आहवान प बिहार में बिहार केसर ॉड श्रीकृष्ण िन्हा श्रीबाबू ने मुंगे...
र से गंगा नदी पार कर लगभग 100 किलोमीटर लंबी दुरूह व कष्टप्रद पदयात्रा कर गढ़़पुरा के दुर्गा गाछी में अपने सहयोगियों के साथ अंग्रेजों के काले नमक कानून को तोड़ा था। इस दरम्यान ब्रिटिश फौज़ के जूल्म से उनका बदन नमक के खौलते पानी से जल गया था,पर वह हार नहीं माने थे। गढ़़पुरा के इस ऐतिहासिक नमक सत्याग्रह के बाद महात्मा गां...
िन्हा श्रीबाबू ने मुंगेर से गंगा नदीप ारकर लगभग 100 किोमीटर लंबी दुरू ह व कष्टप्रद पदयात्रा कर ग़़पुरा के दुर्गा गाछी में अपन े सयहोियों के साथ अंग्रेजों के काले नमक क ानून ो तोड़ा था।। इस दरम्यान ब् रिटिश फौज़ के जूल् मसे उनका बदन न मक के खौल ते पानी से जल गया था,पर वह हार नीहं माने थे। गढ़़पुरा क इस ऐति हासिक नमक सत्...
महात्मा गांधी ने उन्हें बिहार के प्रथम सत्याग्रही कहा था। 82 वर्षों की घोर उपेक्षा के बाद गढ़़पुरा नमक सत्याग्रह गौरव यात्रा समिति बेगूसराय की पहल पर 2012 में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, 2013 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व 2014 में मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी वहां पहुंचे और बाधाओं के बावजूद, स्वतंत्रता संग्राम की इस अ...
माने थे। गढ़़पुरा क इस ऐति हासिक नमक सत्याग्रह के बाद महातम गांधी ने उन्हें बिहार के प्रथम सत्ायग्रही हका था।। 82 वर्षो की घोर उपेक्षा के बाद गढ़़पुरा नमक सत्य ाग्रह गौरव यात्रा समिति बेगूसर ाय की पहल पर 012 में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोद ी,,2031 में मुख्यंमत्री नीतीश कुमार व 2014 में म ुख् यमंत्री जीतनराम मांझी वहा...
भूमि के दिन बहुरने लगे हैं। यहां एक स्मारक निर्माणाधीन है, इस हेतु भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। ऐतिहासिक नमक सत्याग्रह की स्मृति में पिछले 8 वर्षों से एक पदयात्रा गढ़़पुरा नमक सत्याग्रह गौरव यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। वर्तमान में यह पदयात्रा प्रतिवर्ष 17 अप्रैल को मुंगेर के श्रीकृष्ण सेवा सदन से प्रारंभ ह...
मांझी वहां पहंुचे और बाधाओं के बावजूद, स्वत ंत्रता सं ग् राम की इस अ न मोल विरासत व श्रीबाबू की क र्मभूमि के दिन बहुरने लगे हैं।। यहां एक स्मारक निर्माणाधीन ैह, इस हेतु भूि अधि ग्रहण की प्रक् िरया चल रही है।। ऐिहािसक नमक सत्याग्रह की स ्मृति में पिछले 8 वर्षो ं से एक पदयात्रा गढ़़पुरा नक सत्याग्रह ग ौरव य ा त रा का आयो...
ौल, रजौड़ 21 अप्रैल को गढ़़पुरा पहुंचती है। सरकार ने बेगूसराय से गढ़़पुरा नमक सत्याग्रह स्थल तक जाने वाली लगभग 34 किलोमीटर लंबी सड़क का नामांकरण नमक सत्याग्रह पथ किया है। किसी भी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में नामांकित देश की यह सबसे लंबी सड़क है। गढ़़पुरा के छोटे से हॉल्ट जैसे स्टेशन का नामांकरण श्रीबाबू की स्मृति में डॉ...
ग ौरव य ा त रा का आयोन कि या जा रहा है। वर्तमान म ें ह पदयात्रा प ्रतिरव्ष 17 अप ्रैल को मुगंेर केश्रीकृष्ण सेवा सनद से प्रारंभ होकर व ाया बलिया, बेगूसराय,, मंझौल,, र जौड़ 21 पअ् रैल को गढ़़पुरा पुहंच ती है।। सरकार ने बेगूरसाय स े ढ़़पुरा नमक सत्याग्रह स ्थल तक जाने वाली लगभ ग 34 किलोमीटर लंबी सड़क का नमांकरण नमक सत्या...
ृति में डॉश्रीकृष्ण सिंह नगरगढ़पुरा किया गया है जिसका स्टेशन कोड DSKG है। यहां करोड़ों की लागत से कई उल्लेखनीय विकास कार्य हुए हैं और यात्री सुविधाओं का विस्तार हुआ है। मुंगेर में कष्टहरणी घाट के निकट गंगा नदी पर नवनिर्मित रेल सह सड़क पुल का आधिकारिक रूप से नामांकरण श्रीकृष्ण सेतु किया गया है। पटना में गांधी मैदान के उ...
ग 34 किलोमीटर लंबी सड़क का नमांकरण नमक सत्याग्रह पथ किय ा ैह। किसी भी ऐतिहासिक घटना की स ्मृति में नामांकित दे श की यह बसे लंबी सड़क है।। गढ़़पुरा के छोटे से हॉल्ट जैसे स्टेशन का नामा ंकरण श्रीाबबू की स्मृति में ड ॉश्रीकृष ्ण सिंह नगरगढ़पुरा क िया गया है जिसका स ्टेश न कोड D SKG है।। यहां कर ोड़ों की लागत स े कई उल्लेन...
का सबसे बड़ा सभागार श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल का निर्माण किया गया है जहां उनकी एक आदमकद प्रतिमा भी स्थापित किया गया है। गांधी मैदान,पटना के पश्चिमी छोड़ पर श्रीबाबू की स्मृति में श्रीकृष्ण विज्ञान केन्द्र की स्थापना की गई है। बेगूसराय के जीडी कॉलेज, श्रीकृष्ण महिला कॉलेज, नगर निगम चौक, कचहरी रोड, श्रीकृष्ण इंडोर स्टेडियम ...
यहां कर ोड़ों की लागत स े कई उल्लेनख ीय विकास कार्य हुए ैं और यात्री सुविधाओं का विस्तार हुआ है।। म ुंेग रम ें कष ्टहरणी घाट के निकट गंाग नदी पर नवनिर् मित रेल सह सड़क पुल का आधक रािक र ूप से नामाकरण श् र ीकृष्ण सेुत किया गया है।। पटना में ागंधीम ैदान के उत्तरी भाग में राजधानी का सबस े ब ड़ा सभागार श्रीकृष्ण मेमोरिलय ॉ...
शिप में बिहार केसरी श्रीबाबू की स्मृति में प्रतिमा स्थापित की गई है। श्रीबाबू की स्मृति में यहां एक इनडोर स्टेडियम और कचहरी रोड पर जिला परिषद का एक विशाल कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी है। उनके नाम से झारखंड की राजधानी राँची में एक पार्क है। किसी समय में झारखंड बिहार ही का भाग था। सन्दर्भ श्रीकृष्ण अभिनंदन ग्रंथ बाहरी कड़िया...
व्याकरण सुधारें: डा॰ जगन्नाथ मिश्र भारतयी राजनेत ा और बिहार के पूर्व मु<ref>ख</ref>्यमंत्र ी थे। डाॅ मिश्र ने प् रा ध्यापक के रू प में अपा करयिर शुरू किया था और बाद <ref>म</ref>ें बिहार विश्वविद् यालय मं अर ्थ शास््र के प्रोफेसर बने । डा॰ मिश्र तीन ार बिहार के मुखय्मं्तरी रह चुे थे।। उ नकी रूचि सामा ज िक और ाजनीतिक कार...
डा॰ जगन्नाथ मिश्र भारतीय राजनेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री थे। डाॅ मिश्र ने प्राध्यापक के रूप में अपना करियर शुरू किया था और बाद में बिहार विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर बने। डा॰ मिश्र तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके थे। उनकी रूचि सामाजिक और राजनीतिक कार्यों में बचपन से ही थी। उनके बड़े भाई ललित नार...
चि सामा ज िक और ाजनीतिक कार्यों में बचपन <ref>स</ref>े ही थी।। उनके बड़े भाई ललित नाराय ण मि श्र एक प् रख्यात कुशल राजनीति ज्ञ थे ोज कालक्रेण रेल म ंत्री बने।। डा ॰मिश्र िश्वविद्यालय में पढ ़ाने के ौदरान ह ी अभिरूचान ुसार ाभरतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शा मिल ुह ए थे। । डा॰ मिश्र 19 7 <ref>5</ref> में पहली बार बिहार के ...
ज्ञ थे जो कालक्रमेण रेल मंत्री बने। डा॰ मिश्र विश्वविद्यालय में पढ़ाने के दौरान ही अभिरूचानुसार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए थे। डा॰ मिश्र 1975 में पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। दूसरी बार उन्हें 1980 में कमान सौंपी गई और आखिरी बार 1989 से 1990 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। वे 199596 में अपनी राजनीतिक कुश...
7 <ref>5</ref> में पहली बार बिहार के मुख्यमंतर्ी बने।। दूसरी बार उनह्ें 1980 में कमान सौंपी गई और आखिरी बार 1989 से 190 तक ि हार के मुख ्यमं त ्री र हे।। व े 99596 में अपन ी राजनीतिक कुशलत के फलस ्वरूप केन्द्रीय मंत्री भी बन े थ े। । सम्पू र्ण भारत विेशषकर बि हार में डा ॰मिश्र का नाम <ref>ड</ref>़े नेताओ ं क रूप में ज ...
सम्पूर्ण भारत विशेषकर बिहार में डा॰ मिश्र का नाम बड़े नेताओं के रूप में जाना जाता रहा। कांगे्रस छोड़ने के बाद वह राष्ट्रवादी कांगे्रस पार्टी और फिर जनता दल में शामिल हो गये। 30 सितम्बर, 2013 को रांची में एक विशेष केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने चारा घोटाले में 44 अन्य लोगों के साथ उन्हें दोषी ठहराया। उन्हें चार साल की कारावास...
ड</ref>़े नेताओ ं क रूप में ज ाना ाता रहा।। कांगे्रस छोड़ने के बाद वह राष्ट्रवादी कांगे्रस पार्टी <ref>औरफ</ref>िर <ref>जनत</ref>ा दल मे शामि<ref>ल</ref> ह ो गये।। 30 सि<ref>तम</ref>्बर,, 2013 को रांची में एक <ref>व</ref>िशेष केन््रीय जांच ब् यूरो ने चारा घोटाले में 4 4 अन् य लोगों के साथ <ref>उन</ref>्हें दोषी ठहरयाा।...
ये का जुर्माना लगाया गया था। 23 अक्टूबर, 2013 को झारखण्ड उच्च न्यायालय ने उन्हें बेल दिया था। हालांकि बाद में सीबीआई की विशेष न्यायालय द्वारा उन्हें दो मामलों में 23 दिसम्बर, 2017 तथा 19 मार्च, 2018 को बरी कर दिया जबकि झारखण्ड उच्च न्यायालय में अन्य दो मामले अपील संख्या 838 2013 तथा Cr App 268 2018 लंबित है। व्यक्तिगत ...
य लोगों के साथ <ref>उन</ref>्हें दोषी ठहरयाा।। उन्हें चार साल की कारावास और 200,00 रूपये का जुर्<ref>म</ref>ान ा लगाया गा था। ।2 3 <ref>अक</ref>्टूबर, 2013 को झारखण्ड उच्च न्यायालय ने उन्हें बे<ref>ल</ref> दिया था।। हालांकि बाद में सी<ref>ब</ref>ीआई की <ref>व</ref>िशेष <ref>न</ref>्यायालय ्वारा उन्हें दो मामलों में 23 ...
नई दिल्ली पुत्रतीन और पुत्रियाँ तीन रूचि पठनपाठन व लेखन। विद्यालयी शिक्षा बलुआ बाजार बी॰ए॰, टी॰एन॰बी॰ काॅलेज, एम॰ए॰ एल॰एस॰ काॅलेज, पी॰एचडी॰ बिहार विश्वविद्यालय से। लेखन के क्षेत्र में उपलब्धियाँ निबंधन लेखन एवं शोधमार्गदर्शन ख्याति प्राप्त पत्रिकाओं में लगभग 40 शोध पत्र लिखे। उनके अधीन उनके निर्देशन में 20 विद्वानों ने...
न</ref>्यायालय ्वारा उन्हें दो मामलों में 23 दिसम्<ref>ब</ref>,, 2017 तथा 19 मा र्च,, 2018कोबरी कर दिया जबकि झारखण्ड उच्च न्ा या लय में अन्य दोम ामले <ref>अप</ref>ील संख्या 838 2013 तथा Cr App 268 2018 लंबित है। व् यक्तिगत जीवन जन्म 24 जू<ref>न</ref>, 1937 निधन 19 अगस्त,, 2019 न दिल्ली पु<ref>त</ref>्रतीन और पुत्रियाँ ...
वानों ने अर्थशास्त्र विषय में पी॰एचडी॰ उपाधि प्राप्त की। इनके द्वारा लिखित अबतक 23 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है। ग्रंथ लेखन एवं सम्पादन का विवरण लिखित एवं सम्पादित प्रकाशित ग्रंथः सार्वजनिक वित मनी, बैंकिग एण्ड इन्टरनेशनल ट्रेड लैण्ड रिफार्मस इन बिहार एग्रिकल्चर मार्केटिंग इन बिहार इन्डस्ट्रीयल फिनान्स इन बिहार आर्थिक ...
त</ref>्रतीन और पुत्रियाँ तीन रूचि पठनपाठन व लेखन। विद्यालयी शिक्षा बलु<ref>आ</ref> बाजार बी॰ए॰,, टी॰ एन॰बी॰ क ाॅलेज, एम॰ए॰ एल॰एस॰ काॅलेज,, पी॰एचडी॰ बिहार वि<ref>श</ref>्वविद्यालय से। लेखन के क्षेत्र <ref>म</ref>ें उपलब्धिया नि<ref>ब</ref>ंधन लेखन एवं शोधमार्गदर्श खय्ाति प्ाप्त पत्रिकाओं में लगभग 40 शोध पत्र ल िखे।। उन...
िक संगठन ट्रेन्डस इन इन्डियन फेडरल फिनान्स काॅपरेटिव बैंकिंग इन बिहार दिशा संकेत इन्डियाज इकाॅनोमिक डेवलपमेंट फिनांसिंग आॅफ स्टेट प्लान्स भारतीय आर्थिक विकास की नयी प्रवृतियां प्लैनिंग एण्ड रिजनल डेवलपमेंट इन इन्डिया न्यू डाइमेनसन्स आॅफ फेडरल फिनान्स बिहार की पीड़ा से जुड़िए भारतीय संघ की वित्तीय प्रवृतियाँ माई विजन फा...
दर्श खय्ाति प्ाप्त पत्रिकाओं में लगभग 40 शोध पत्र ल िखे।। उनके अीन उनके निर्देशन े<ref>म</ref>ं 20 विद्वानों ने अर्थशास् त्र वि षय मे ं पी॰एचडी ॰ उपाधि प्राप्<ref>त</ref> की।। इनके द्वारा लिखित अबतक 23 पुस्तके ं प्रका<ref>श</ref>ित हो चुक ीहै।। ग्रंथ लेखन एवं सम्पादन का विवणर लिखित एवं सम्पा<ref>द</ref>ित <ref>प</ref>्...
रूरल डेवलेपमेंट चिन्तन के आयाम बिहार विकास और संघर्ष। समग्र विकास एक सोच लेबर इकोनोमिक्स ए क्रिटिक आॅफ द इकोनामिक्स आॅफ कीइन्स एण्ड केनिसियन थ्योरी एवं बिहार बढ़कर रहेगा। राजनीतिक जीवन 1966 से बिहार विश्वविद्यालय के सिंडिकेट और सिनेट में कई बार सदस्य निर्वाचित हुए। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कोर्ट एवं जे॰एन॰यू॰ के क...
एवं सम्पा<ref>द</ref>ित <ref>प</ref>्रकाशित ग्रंथः सार्वजनिक वि<ref>त</ref> मनी,, ैबंकि एण्ड इन ्<ref>टरन</ref>ेशनल ट्रेड ै<ref>ण</ref>्ड रिफा र्मस इन बिहा<ref>र</ref> एग्रि<ref>क</ref>्लचर ार्केिं इ नबिहार <ref>इन</ref>्डस ट्रीयल फिनान ्स इन बिहार आर्थिक सिद्धांत और व्ावसायिक संगठन <ref>ट</ref>्रे न्डस इ नइन्डियन फेडर...
सदस्य चुने गये। 1968 में पहलीबार मुजफ्फरपुर, चम्पारण एवं सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बिहार विधान परिषद् के सदस्य निर्वाचित हुए। 1969 में राष्ट्रपति के ऐतिहासिक चुनाव में पूर्व रेल मंत्री श्री ललित नारायण मिश्र के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में बिहार में महत्वपूर्ण कार्य किया था। 1972, 1977, 1980, 1985 और 1990 में मधु...
बिहार आर्थिक सिद्धांत और व्ावसायिक संगठन <ref>ट</ref>्रे न्डस इ नइन्डियन फेडरल फिनान्स क ाॅपरेटि व बंै किंग इन बिहार दिशा संकेत इ न्डियाज इकाॅनोमिक डेलवपमें<ref>ट</ref> फिनांसिंग आॅफ स्टेट प्लान्स भातीय आरथिक व िकास की नयी ्रव ृतियां प्लैनिंग एण ्ड रिज <ref>नल</ref> डेवलपमेंट इन इन डिया न्यू डाइमे<ref>नसन</ref>्सआॅफ फे...
स्य निर्वाचित हुए। 1972 में पहलीबार स्व॰ केदार नाथ पाण्डेय की सरकार में मंत्री बने। अब्दुल गफूर के मंत्रिमंडल में भी मंत्री नियुक्त हुए। 8 अप्रैल, 1975 को बिहार के पहलीबार मुख्यमंत्री हुए और 30 अप्रैल, 1977 तक उस पद पर बने रहे। 8 जून, 1980 को बिहार के दूसरीबार मुख्यमंत्री हुए जिस पद पर वे 13 अगस्त, 1983 तक बने रहे। तीस...
पमेंट इन इन डिया न्यू डाइमे<ref>नसन</ref>्सआॅफ फेडर ल फिनान्स बिहार की पी<ref>ड</ref>़ा से जुड़िए भार तीय संघ की िवत्ती य प्रवृतियाँ माई वजिन फॅर इन्डियाज रूरल डे<ref>वल</ref>ेपमेंट चि<ref>न</ref>्तन के आयाम बिहार विकास और संघर्ष।। <ref>समग</ref>्र वि<ref>क</ref>ास ए क स च लेब र इकोोम िक्स ए क्रि टिक आॅफद <ref>इक</ref>...
, 1989 को मुख्यमंत्री हुए जिस पर वे 10 मार्च, 1990 तक बने रहे। मार्च, 1989 में वे बिहार प्रदेश कांगे्रस कमिटी के अध्यक्ष नियुक्त हुए दुबारा वे अप्रैल, 1992 में बिहार प्रदेश कांगे्रस के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। 1978 में श्रीमती इन्दिरा गांधी के साथ कांगे्रस विभाजन में उनके पक्ष में सक्रिय भूमिका निभायी। 1978 में बिहार विध...
र इकोोम िक्स ए क्रि टिक आॅफद <ref>इक</ref>ोनामिक्स <ref>आ</ref>ॅफ कीइन्स एण्ड के निसियन य्ोरी एवं बिहार ब़ढकर रहेाग। ारज नीति<ref>क</ref> जीवन 1 966 से िहार वि श्वविद्<ref>य</ref>ाल <ref>य</ref> के <ref>स</ref>िंडिक ेट और <ref>स</ref>िने में कई बार सदस्य निर्वाचित हु। अलीढ़ मु<ref>स</ref>्लिम यूनिवर्सिटी <ref>क</ref>े ...
। दूसरीबार मार्च, 1990 में बिहार विधान सभा में प्रतिपक्ष के नेता निर्वाचित हुए। 1988 के अप्रैल में राज्यसभा के लिए सदस्य निर्वाचित हुए। दूसरीबार अप्रैल, 1994 में वे राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। 10 जून, 1995 को वे स्व॰ पी॰वी॰ नरसिंह राव मंत्रिमंडल में ग्रामीण विकास मंत्री नियुक्त हुए और जनवरी, 1996 में उन्हें कृषि म...
साफ करिए: एथिपोथला भार त देश के आंध्र प्रदे राज्य के गुन्टूर जिलेमें कृष्ण ा नदी की सहायक नदी चंद्रवंका न दी पर स्थित एक जलप्रपत है। चंद्रवका नदी चंद्रनव्का झरना, नकला झरना और ुतमाला झरना जैसी तीन धाराओं का संयोजन है। यह नागार्जुन सागर बांध स े लगभग 11 किलोमटर स्थित है। यह नदी जलप्रपात से लगभग 3 किोमीटर यात्रा करेन के ...
एथिपोथला भारत देश के आंध्र प्रदेश राज्य के गुन्टूर जिलेमें कृष्णा नदी की सहायक नदी चंद्रवंका नदी पर स्थित एक जलप्रपात है। चंद्रवंका नदी चंद्रवन्का झरना, नकला झरना और तुमाला झरना जैसी तीन धाराओं का संयोजन है। यह नागार्जुन सागर बांध से लगभग 11 किलोमीटर स्थित है। यह नदी जलप्रपात से लगभग 3 किलोमीटर यात्रा करने के बाद बांध ...
दी जलप्रपात से लगभग 3 किोमीटर यात्रा करेन के बाद बंाध के बाद कृष्णा नदी में शामिल हो जाती है।। आंध्र प्रदेश पर्यटन विभाग ने नदिकमें कए पहाडी पर जलप्रपात देखने के लिये व्यू ापंईट बनाया है।। आसपास के इलाके में रंगनाथ और दत्तात्रेय मंदिर हैं।। पानी के गिरने ेस बने तालाब में एक मगरमच्छ परजनन केंदर है।। नागार्जुन सागर बांध ...
मीटर यात्रा करने के बाद बांध के बाद कृष्णा नदी में शामिल हो जाती है। आंध्र प्रदेश पर्यटन विभाग ने नजदिकमें एक पहाड़ी पर जलप्रपात देखने के लिये व्यू पांईट बनाया है। आसपास के इलाके में रंगनाथ और दत्तात्रेय मंदिर हैं। पानी के गिरने से बने तालाब में एक मगरमच्छ प्रजनन केंद्र है। नागार्जुन सागर बांध से जलप्रपात को जीवित रहने...
माता बगलामुखी दस महाविद्याओं ेमं आठवीं महाविद्या हैं। इन्हें माता पताम्बरा भी कहते ैं।। स म्ूर्ण सृ्टि में जो भी तरंग है वो इन्हीं की वज ह से है।। यह भगवती पार्वती का उग्र स्वरूप है। ये भोग औ र मोक्ष दोनों प्रदान करने वाली दवेी है इनक ी आराधना के पूर्व हरिद्रा गणपती की आरधना अवश्य करनीचाहये अन्यथा यह साधना पूर्ण रूप से...
माता बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं। इन्हें माता पीताम्बरा भी कहते हैं। सम्पूर्ण सृष्टि में जो भी तरंग है वो इन्हीं की वजह से है। यह भगवती पार्वती का उग्र स्वरूप है। ये भोग और मोक्ष दोनों प्रदान करने वाली देवी है इनकी आराधना के पूर्व हरिद्रा गणपती की आराधना अवश्य करनी चाहिये अन्यथा यह साधना पूर्ण रूप स...
साधना पूर्ण रूप से फलीभूत हीं हो पाती है सारे ्रह्माण्ड की शक्ति मिल कर भी इनका मुकाबला नहीं कर सकती शत्रुनाश,, वाकसिद्धि,, वाद िवाद में वजिय के लिए इनकी उपसना की जाती है।। इनकी उपासना से शत्रुओं क स्तम्भन होता है तथा जातक ा जीवन निष्कंटक हो जाता है।। किसी ोछटे कार्य क ेलिए 10000 तथा असाध्य से लगाने वाले कार्य के लिए ए...
नहीं हो पाती है सारे ब्रह्माण्ड की शक्ति मिल कर भी इनका मुकाबला नहीं कर सकती शत्रुनाश, वाकसिद्धि, वाद विवाद में विजय के लिए इनकी उपासना की जाती है। इनकी उपासना से शत्रुओं का स्तम्भन होता है तथा जातक का जीवन निष्कंटक हो जाता है। किसी छोटे कार्य के लिए १०००० तथा असाध्य से लगाने वाले कार्य के लिए एक लाख मंत्र का जाप करना ...
लिए एक लाख मंत्र का जाप करना चाहिए।। बगलामुखी मंत्र के जाप से पर्व बगलामुखी कवच क ा पाठ अवश्यकरना चाहिए। स्वरुपन वयौवना हैं और पीले रंग की साङी धारण करती हैं ।। सोने के सिंहासन पर विराजती हैं ।। तीन नेत्र औ र चार हाथ हैं । सिर पर सोने का मुकुट है ।। स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत हैं ।। शरी पतला औ सुंदर ै । रंग गोरा और स्वर्...
के जाप से पूर्व बगलामुखी कवच का पाठ अवश्य करना चाहिए। स्वरुप नवयौवना हैं और पीले रंग की साङी धारण करती हैं । सोने के सिंहासन पर विराजती हैं । तीन नेत्र और चार हाथ हैं । सिर पर सोने का मुकुट है । स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत हैं । शरीर पतला और सुंदर है । रंग गोरा और स्वर्ण जैसी कांति है । सुमुखी हैं । मुख मंडल अत्यंत सुंदर ...
रंग गोरा और स्वर्ण जसी कांति है ।। सुमुखी हैं । मुख मंडल अत्यंत सुंदर है जिस पर मुस्कान छाई रहती है ो मन को मोह लेता है ।। शास्त्र व्यषठि रूप में तश्रुओ को नष्ट करने की इच्छा रखने वाली तथा समिष्टि रूप में परमात्मा क संहार शक्ति ही बगला है। पिाम्बराविद्या के नाम विख्यता बगलामखी की साधना प्रायः शत्रुभय से मुक्ति और वाकसि...
डल अत्यंत सुंदर है जिस पर मुस्कान छाई रहती है जो मन को मोह लेता है । शास्त्र व्यष्ठि रूप में शत्रुओ को नष्ट करने की इच्छा रखने वाली तथा समिष्टि रूप में परमात्मा की संहार शक्ति ही बगला है। पिताम्बराविद्या के नाम विख्यात बगलामुखी की साधना प्रायः शत्रुभय से मुक्ति और वाकसिद्धि के लिये की जाती है। इनकी उपासना में हल्दी की ...
और वाकसि्दधि के लिये की जाती है।। इनकी उपासना में हल्दी ी माला,, पीले फूल और पलीे वस्त्ोर का विधान है।। माहविद्ाओं में इनका स्थान आठवाँ है। द्वी भुज चित्रण ज्यादा आम है और सौम्या या मामली फार्म के रूप में वर्णित है। वह उसके दाहिने हाथ में एक गदा जिसके साथ वह एक ाक्षस धड़क रहा है, जबकि उसके ाएं हाथ के साथ अपनी जीभ बाहर ...
पीले फूल और पीले वस्त्रो का विधान है। माहविद्याओं में इनका स्थान आठवाँ है। द्वी भुज चित्रण ज्यादा आम है और सौम्या या मामूली फार्म के रूप में वर्णित है। वह उसके दाहिने हाथ में एक गदा जिसके साथ वह एक राक्षस धड़क रहा है, जबकि उसके बाएं हाथ के साथ अपनी जीभ बाहर खींच रखती है। इस छवि को कभी कभी stambhan, अचेत करने के लिए शक्...
थ के साथ अपनी जीभ बाहर खींच रखती है।। इस छवि को कभी कभी stambhan, अचेत करन ेके लिएश्कति या चुप्पी मं क दुश्मन को पंगु बना एक प्रदर्शनी के रूप में व्याख्य की है।। यह एक बूनस बगलामुखी भक्तों जिसके लिए उसकी पूजा करता है।। अन्य महाविद्या देवी भी दुश्मन को राे के लिए विभिन्न अनषु्ठानं के माध्यम से अपने भक्तों द्वारा ल ागू क...
त करने के लिए शक्ति या चुप्पी में एक दुश्मन को पंगु बना एक प्रदर्शनी के रूप में व्याख्या की है। यह एक बून्स बगलामुखी भक्तों जिसके लिए उसकी पूजा करता है। अन्य महाविद्या देवी भी दुश्मन को हराने के लिए विभिन्न अनुष्ठानों के माध्यम से अपने भक्तों द्वारा लागू किया जा करने के लिए उपयोगी के लिए इसी तरह की शक्तियों का प्रतिनिध...
भक्तों द्वारा ल ागू किया जा करने के लए उपयगी के लिए इसी तरह की शक्तियों का प्तरिनिधित्वकरने के लिए कहा जाता है। बगलामुखी,,पीताम्बर या ब्रह्मास्त्र रुपणी भी कहा जाता है और वह इसके विपरीत हर बात में बदलज ाता है।। वह चुप्पी में भाषण बदल जाता है,, नुपंसकता में अज्ञानता में,, ज्ञान शक्ति,, जीत में हार वह ज्ञान है जिससे रह ब...
लिए कहा जाता है। बगलामुखी,पीताम्बर या ब्रह्मास्त्र रुपणी भी कहा जाता है और वह इसके विपरीत हर बात में बदल जाता है। वह चुप्पी में भाषण बदल जाता है, नपुंसकता में अज्ञानता में, ज्ञान शक्ति, जीत में हार वह ज्ञान है जिससे हर बात समय में इसके विपरीत हो जाना चाहिए का प्रतिनिधित्व करता है। द्वंद्व के बीच अभी भी बिंदु के रूप में...
है जिससे रह बात समय में इसके विपरीत हो जाना चाहिए का प्रतिनिधित्व करता है।। द्ंवदव् के बी चभअी ीभ बिंदु के रूप में वह हमें उन्हें मास्टर करने के लिए अनुमति ेता है।। सफलता में छिपा विफलता देखने के लिए,, मृत्यु जीवन में छिपा हुआ है,, या खुश ीगम में छिपा उसीक सच्चाई से संपर्क करने के तरीके हैं। बगलामखुी विपरी तजिसमें हर ब...
में उन्हें मास्टर करने के लिए अनुमति देता है। सफलता में छिपा विफलता देखने के लिए, मृत्यु जीवन में छिपा हुआ है, या खुशी गम में छिपा उसकी सच्चाई से संपर्क करने के तरीके हैं। बगलामुखी विपरीत जिसमें हर बात वापस अजन्मे और अज में भंग कर रहा है के रहस्य उपस्थिति है। कथा स्वतंत्र तंत्र के अनुसार भगवती बगलामुखी के प्रदुभार्व की...
खुी विपरी तजिसमें हर बात वापस अजन्मे और अज में भंग कर रहा है के रहस्य पउस्थिति है।। कथा स्वतंत्र तंत्र के अनुसार भगवती बगलामुखी के प्रदुभार्व की कथ ाइस प्रकार हैसतयुग में सम्पूर्ण जगत को नष्ट करने वाला भयंकर ूतफान आाय।। प्राणियो के जीवन पर संट ो देख कर भगवान विष्णु चिंतित हो गये।। वे सौराष्ट्र दे श में हरिद्रा सरोवर के...
इस प्रकार हैसतयुग में सम्पूर्ण जगत को नष्ट करने वाला भयंकर तूफान आया। प्राणियो के जीवन पर संकट को देख कर भगवान विष्णु चिंतित हो गये। वे सौराष्ट्र देश में हरिद्रा सरोवर के समीप जाकर भगवती को प्रसन्न करने के लिये तप करने लगे। श्रीविद्या ने उस सरोवर से वगलामुखी रूप में प्रकट होकर उन्हें दर्शन दिया तथा विध्वंसकारी तूफान का...
साफ करिए: पांडव जलप्रपात भारत के मध्य ्रदेश राज्य े पन्ना ज़िले में स्थित एक जलप्रपात है। यह केन नदी की एक उपनदी पर सथ्ि तहैं,, और यह उपनदी ऊचाई से गिरते हएु यह प्रपात बनाती है और फिर केन नदी में विलय हो जाती है।। यह पन्ना से 12 किमी दू रहै।। प्रपा के चरण में बने जलाशय के समी गुफएँ हैं जहाँ पण्डवों से सम्बन्धित धार्मिक...
पांडव जलप्रपात भारत के मध्य प्रदेश राज्य के पन्ना ज़िले में स्थित एक जलप्रपात है। यह केन नदी की एक उपनदी पर स्थित हैं, और यह उपनदी ऊँचाई से गिरते हुए यह प्रपात बनाती है और फिर केन नदी में विलय हो जाती है। यह पन्ना से 12 किमी दूर है। प्रपात के चरण में बने जलाशय के समीप गुफाएँ हैं जहाँ पाण्डवों से सम्बन्धित धार्मिक स्थल ...
साफ करिए: जोन्हा जलप्रपात भारत के झारखण्ड राज्य क राँची ज़िल ेमें स्थित एक जलप्रपात है।। राढु नदी पर ापनी गिरने से बना यह प्रपा<ref>त</ref> <ref>ऊ</ref>ँचा है।। इसके पास ह ी जोन्हा जलप्रपात भी स्थित ह ै। जो्हा फ़ॉल रिसोर्ट रोड के माध्यम से 722 सीढ़ियों का उपयोग कि<ref>ए</ref> बिना झरन तक पहुंचने का सबसे अच्छा <ref>तर</...
जोन्हा जलप्रपात भारत के झारखण्ड राज्य के राँची ज़िले में स्थित एक जलप्रपात है। राढु नदी पर पानी गिरने से बना यह प्रपात ऊँचा है। इसके पास ही जोन्हा जलप्रपात भी स्थित है। जोन्हा फ़ॉल रिसोर्ट रोड के माध्यम से 722 सीढ़ियों का उपयोग किए बिना झरने तक पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका है। गौतम पहाड़ी पर स्थित इस जलप्रपात को गौतमधार...
ंचने का सबसे अच्छा <ref>तर</ref>ीका है।। गौतम पहाड़ी पर स्थित इस जलप्रपात को गौमतधारा भी कहा जात है।। 14 0 फीट <ref>क</ref>ी चऊाई से गिरने वला झ रना पर्यटकों को एक सुन्दर अुनभव प्रदान करता ह।ै जोन्हा ॉल बसे सुरक्षित पर्यटन स्थलों में से एक माना <ref>ज</ref>ा<ref>त</ref>ा है,, और यहां परयटन मित्र और ग्रामणी पर्यटकों केल...
मधारा भी कहा जाता है। 140 फीट की ऊचाई से गिरने वाला झरना पर्यटकों को एक सुन्दर अनुभव प्रदान करता है। जोन्हा फॉल सबसे सुरक्षित पर्यटन स्थलों में से एक माना जाता है, और यहां पर्यटन मित्र और ग्रामीण पर्यटकों के लिए गाइड का काम करते हैं। आवागमन जोन्हा जलप्रपात ज़िला मुख्यालय, राँची, से 41 किलोमीटर दूर है। पक्की सड़क होने क...
सनकुआ जलप्रपात मध्य प्रदेश में स्थित एक जलप्रपात है।। यह जलप्रपा िया जिले के सेंवढ़ा कस्बे में स्थित है। यहाँ पर ब्रह्मा ीज क े मानस पुत्र सनक,स,नंदन,,सनातन,,एवं सनतकुमार ने तपस्य ाकी थ।।जिन्हे सनकदािक ऋषिक े नाम से जानते है ।। इ स ह से इस जलपरपात को सनकादिक तीर्थ स्थल के नाम से ी जान जाता है।।
सनकुआ जलप्रपात मध्य प्रदेश में स्थित एक जलप्रपात है। यह जलप्रपात दतिया जिले के सेंवढ़ा कस्बे में स्थित है। यहाँ पर ब्रह्मा जी के मानस पुत्र सनक,सनंदन,सनातन,एवं सनतकुमार ने तपस्या की थी।जिन्हे सनकादिक ऋषि के नाम से जानते है । इस बजह से इस जलप्रपात को सनकादिक तीर्थ स्थल के नाम से भी जाना जाता है।
साफ करिए: सलु्तानगंढ जलप्रपात म ध् यप्रदेश के शिवपु र ी जिले में नरवर तहीसल के अन्तर्गत पार्वती नदी पर स्थित है।। ध्यान रहे यह जलप्रपात उस पारवत्ी नदी पर नहीं है जो म्धयप्रदेश के स हीोर के आष्ट ा से निकलती है जो ि चम् बल की साहायक है।। यह पार्वती नदी श िवपुरी पठार स े निकलती है और सि न्ध नदी की सहायक ह ै इ स ी पार ्वती...
सुल्तानगंढ जलप्रपात मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में नरवर तहसील के अन्तर्गत पार्वती नदी पर स्थित है। ध्यान रहे यह जलप्रपात उस पार्वती नदी पर नहीं है जो मध्यप्रदेश के सीहोर के आष्टा से निकलती है जो कि चम्बल की साहायक है। यह पार्वती नदी शिवपुरी पठार से निकलती है और सिन्ध नदी की सहायक है इसी पार्वती नदी पर हस्सी और काकेटा क...
साफ करिए: बिशप जलप्रपा<ref>त</ref> मेघालय में स्थित एक जलप्रपता है।। परिचय <ref>ब</ref>िशप जलप्रपात अ सम राज्य केद िमा हसाओ जिले में स्थित कए खूबसूरत जलप्रापत है।। इस मि<ref>न</ref>ी नियाग्ार के नाम सेभी जा<ref>न</ref>ा ाता है। यह कपोिली नदी पर स्थित है और अपीन परकाृतिक सुंदरता,, शांत माहौल और हरियाी के लिए पर्यटकों के...
बिशप जलप्रपात मेघालय में स्थित एक जलप्रपात है। परिचय बिशप जलप्रपात असम राज्य के दिमा हसाओ जिले में स्थित एक खूबसूरत जलप्रपात है। इसे मिनी नियाग्रा के नाम से भी जाना जाता है। यह कोपिली नदी पर स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत माहौल और हरियाली के लिए पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। स्थान और पहुँच यह जलप्रपात लंक...
शांत माहौल और हरियाी के लिए पर्यटकों के बीच बेहद <ref>ल</ref>ोकप्रिय है।। स्थान औ पहुँ यह जलप्रपात लंाक शहर से लगभग 03 किलोमीटर और हाफोलंग से रीब 120 किलोमीटर की दूरी पर ह।ै। यहाँ सड़क मार्ग से आसानी से पहुँच ा जा सकता है। निकटतम रेलवे स्टेशन लंका रेलवे स्टेशन।। निकटतम हवाई अड्डा गुवाहाटी हवाई अड्डा,, जो जलप्रपात से लभ...
लंका शहर से लगभग 30 किलोमीटर और हाफलोंग से करीब 120 किलोमीटर की दूरी पर है। यहाँ सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। निकटतम रेलवे स्टेशन लंका रेलवे स्टेशन। निकटतम हवाई अड्डा गुवाहाटी हवाई अड्डा, जो जलप्रपात से लगभग 170 किलोमीटर दूर है। क्या देखें और करें प्राकृतिक सौंदर्य बिशप जलप्रपात का पानी दूधिया सफेद रंग का ...
टी हवाई अड्डा,, जो जलप्रपात से लभग 170 किलोमीटर दू<ref>र</ref> है।। क्या देखें और करें प्रकृतिक सौंद् बिप जलप्रपात का पानी दूधिया सफेद रंग का है जो आसपास की हरियाली क े साथ अद्भुत दृश्य ्पर्तुत करता है।। पिकनिक स्थल यह स्थान पिकनिक के लिए बहुत लकप्रिय है।। परिावर और दोस्तों के सा<ref>थ</ref> समय िताने केल िए यह दर्श <r...
या सफेद रंग का है, जो आसपास की हरियाली के साथ अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है। पिकनिक स्थल यह स्थान पिकनिक के लिए बहुत लोकप्रिय है। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए यह आदर्श स्थान है। रिवर राफ्टिंग रोमांच पसंद करने वालों के लिए यहाँ रिवर राफ्टिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। आसपास के प्रमुख स्थल हाफलोंग दिमा हसाओ जि...
िताने केल िए यह दर्श <ref>स</ref>्थान है।। रिवर राफ्टिंग रोमांच पसंद करने वालों के लिए यहाँ रिरव राफ्टिं ग की सुवि<ref>ध</ref>ा भी उपलब्ध <ref>ह</ref>ै। आसपास के प्मुख स्थल हाफलंो ग दिमा <ref>हस</ref>ाओ जिले का मुख्यालय हाफलोंग अपनी सुंदर झील और पहाड़ी <ref>द</ref>ृश्यों के ि<ref>एल</ref> प्रसिद्ध है।। जटिंग ा यह स्थान...
ले का मुख्यालय हाफलोंग अपनी सुंदर झील और पहाड़ी दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। जटिंगा यह स्थान पक्षियों के अनोखे प्रवास के लिए जाना जाता है, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण है। यात्रा का सही समय बिशप जलप्रपात घूमने का सबसे अच्छा समय मानसून के बाद का है, जब जलप्रपात अपने पूरे वैभव में होता है। सावधानियां पानी की तेज...
व्याकरण सुधारें: कप लधारा जलप्रपात मध्य प्रदे में स्थित है।। यह एक ख ूबसूर त जलपर्पात है।। यह जलप्परात म्य ्दरेश के अमरकंट क में स् थ ित ह।ै। यह अमरकंटक से 6 से 7 किलोमीटर की द ूरी पर स ्थित है। यह नर्मदा नदी पर बना हुआ पहल जलप्रपात है।। यहां पर नर्मदा नदी एक ऊंची चट्टान से गिरती है।। यह जल् रपात करीब 10 फ ी ट ऊंचा है ...
कपिलधारा जलप्रपात मध्य प्रदेश में स्थित है। यह एक खूबसूरत जलप्रपात है। यह जलप्रपात मध्य प्रदेश के अमरकंटक में स्थित है। यह अमरकंटक से 6 से 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह नर्मदा नदी पर बना हुआ पहला जलप्रपात है। यहां पर नर्मदा नदी एक ऊंची चट्टान से गिरती है। यह जलप्रपात करीब 100 फीट ऊंचा है और यह चारों तरफ जंगल खूबसू...
व्याकरण सुधारें: भोला पासवान शा्सत्री एक स ्वतन्त्रतास ेनानी और भ ारतीय राज े ात थे जो १९६८ और १९७१ के बीच तीन बार ब िहार के मुख्यमंत्ीर रहे।। वे एक अत्यन्त ई मनादार व्यक्ति थे।। म हत्मा गांधी स े प्रभावित होकर स्वतंत ्रता संग्र ाम के द ौरान राजनीति म ें सकरि्य हुए थे।। बुत ही गरीब परिवर में ज न्म होने के बावजूद वे सुश...
भोला पासवान शास्त्री एक स्वतन्त्रता सेनानी और भारतीय राजनेता थे जो १९६८ और १९७१ के बीच तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। वे एक अत्यन्त ईमानदार व्यक्ति थे। महात्मा गांधी से प्रभावित होकर स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राजनीति में सक्रिय हुए थे। बहुत ही गरीब परिवार में जन्म होने के बावजूद वे सुशिक्षित एवं बौद्धिक रूप से काफ...
र में ज न्म होने के बावजूद वे सुशिक्षित एव ं बौद्धिक रूप से काफी सशक्त थे।। कागं्रेस ने उन्हें तीन बार अपना नेता चुना और वह तीन बार अविभाजित बिह ार क े मुख ्यमं्तरी बनाये गये।। उनका कार्यकाल निर्विवा द था और उनका राजनीति क व व्य्कतिगत ज वीन पारदर्शी था।। वे बिहार केप ् रथम मुख्यमन्त्री े जो अनुसूचित जाति के थे।।उके सम्...
कांग्रेस ने उन्हें तीन बार अपना नेता चुना और वह तीन बार अविभाजित बिहार के मुख्यमंत्री बनाये गये। उनका कार्यकाल निर्विवाद था और उनका राजनीतिक व व्यक्तिगत जीवन पारदर्शी था। वे बिहार के प्रथम मुख्यमन्त्री थे जो अनुसूचित जाति के थे।उनके सम्मान मे भोला पासवान शास्त्री कॉलेज बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा की स्थापना 1980 में हुई,...
चित जाति के थे।।उके सम्मान मेभो ला पासवान शास्त्री कॉलेज बभनागमा बिहा रीगंज मधेपुरा की स्ापना 19 80 में हुई,, यह बी एसईबी,, एनआओएस दिल्ली,, बीबओीएस ई पट ना से संबद ्ध है। इसे लअा वा भोला पासवान शास्त्री डिग्री कॉलेज बभनगाम ाब िहाीरगं ज मधे पुरा संबद्ध है,, यह भूपन्द्र नराायण मंडल विश्वविद्यालय से है।। निदेशकदीनानाथ प्र...
आईओएस दिल्ली, बीबीओएसई पटना से संबद्ध है। इसके अलावा भोला पासवान शास्त्री डिग्री कॉलेज बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा संबद्ध है, यह भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय से है। निदेशकदीनानाथ प्रबोध, प्राचार्यअतुलेश वर्मा जेडीयू बिहार में शिक्षक प्रकोष्ठ प्रदेश महासचिव। संयोजकअखिलेश कुमार, रत्नेश कुमार, देवनारायण पासवान देव, स...
नराायण मंडल विश्वविद्यालय से है।। निदेशकदीनानाथ प्रब ोध, प्राचार्यअतलेश वर ्मा जेडीूय बिहार में शिक्षक प्रकोष्ठ प्रदेश महासचिव ।। संयोजकअख िलेश कुमार,, र त्नेश ुकमार, देवनारयण पासवान देव, सुनील देवी, नागेश ालल दास,, आचार्य योग ेश्वर, बिजय झा आदि।। पेड़ के नीचे बैठक बुलाना, झ पड़ ी में रहना,, साइकिल ेग ांव जाना इनकी पहच...
ेश लाल दास, आचार्य योगेश्वर, बिजय झा आदि। पेड़ के नीचे बैठक बुलाना, झोपड़ी में रहना, साइकिल से गांव जाना इनकी पहचान और विशिष्टता थी। भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय का नाम उनके नाम पर रखा गया है।काश, सब नेता भोला बाबू की तरह होते ये कहानी है कहानी क्यों, ये तो एक सुखद हकीकत है गुजरे दौर की। उस दौर की जब एक नेता न...
, साइकिल ेग ांव जाना इनकी पहचान और विशिष्टता थी। भ ोला पासवान शास्त्री कृषि महाव िद्याल य का नाम उके नाम पर रखा गया ह ै।काश,, स ब नेता भोला बाबू की तरह होत ये कह ानी है कहानी क्यों,, ये तो ए क सुखद हककत है गुजरे दौर की। उस दौर की जब एक नेत ा ने ईमानदारी की वो मिसाल काय की थी ज िसकी आज सिर्फ कसमें खाकर ही कम ा चला िलया ...
एक नेता ने ईमानदारी की वो मिसाल कायम की थी जिसकी आज सिर्फ कसमें खाकर ही काम चला लिया जाता है। हो सकता है कि हमारे शब्द कुछ नेताओं को चुभें लेकिन क्या करें जो सच है वो है। भोला बाबू ने जो जीवन जिया वैसा जीवन जीने के लिए ईमानदारी वाला कलेजा चाहिए। पेड़ के नीचे जमीन पर मीटिंग करने वाले सीएम भोला पासवान शास्त्री चाहे मंत्र...
की आज सिर्फ कसमें खाकर ही कम ा चला िलया जाता है।। हो सकता ै कि हमारे शब्द कुछ नेताओं को चुभें लेकिन क् या करे जो सच है ो है। भोला बाबू ने जो जवन जिय ा वैसा जीवन जीने के लिए ईमानद ारी वा ला कलेाज चाहिए। ेपड़ के नीचे जमीन प र मीटिंग करने ाले सीएम भोल ा पासवान शास्त्र ी ाचहे मंत्री रहे ं या फिर बाद में मुख्यमंत ्री वो पेड...
फिर बाद में मुख्यमंत्री वो पेड़ के नीचे ही अपना काम भी करते थे। वो खुरदरी भूमि पर कंबल बिछाकर बैठते थे और वहीं अफसरों के साथ बैठक कर मामले का निपटारा भी कर देते थे। 1973 में वो केंद्र की इंदिरा गांधी सरकार में मंत्री तक बने।उनका सम्मान करने के लिए भोला पासवान शास्त्री कॉलेज बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा की स्थापना 1980 में...
फिर बाद में मुख्यमंत ्री वो पेड़ के नीचे ही अपना काम भी करते थे।। वो खुरदरी भूमि पर कंबल बिछाकर बैठत े थे औ वहीं अफसरों के साथ बठैक कर माले ाक निपटारा भी रक देते थे।। 1973 ेमं वो केंद्र क ी इंद िर ा ग ांधी सरकार म े ं मंत्री तक बने।उनका सम्मान करने के ल िए भोला पावस ान शास्त्री कॉले ज बभगनम ा बिहारीगंज मधेपुर ा की ्सथा...
स्थापना 1980 में हुई, यह बीएसईबी, एनआईओएस दिल्ली, बीबीओएसई पटना से संबद्ध है। इसके अलावा भोला पासवान शास्त्री डिग्री कॉलेज बभनगामा बिहारीगंज मधेपुरा संबद्ध है, यह भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय से है। निदेशकदीनानाथ प्रबोध, प्राचार्यअतुलेश वर्मा जेडीयू बिहार में शिक्षक प्रकोष्ठ प्रदेश महाशिविर। संयोजकअखिलेश कुमार, ...
ान शास्त्री कॉले ज बभगनम ा बिहारीगंज मधेपुर ा की ्सथा पना 1980 में हुई,, ह ब ीएसईबी,, एनआईओए दि ल्ली, बीबीओएसई पट ना से सं बद्ध है ।। इस के अलावा भोला पासवान शास्त्री डिग्री कॉलेज ब भनगाम ा बिहारीगंज मधेपु र ासंबद्ध है, यह भूपेन्द्र ना राय म ंड ल विश्वविद्यालय से है।। निदेशकदीनानाथ प्र बोध, प्राचार्यअतुलश वर्मा ेजडीयू ...
कुमार, देवनारायण पासवान देव, सुनील देवी, नागेश लाल दास, आचार्य योगेश्वर, बिजय झा आदि। व्यक्तिगत जीवन भोला पासवान शास्त्री का जन्म पूर्णिया जिले के बैरगाछी गांव में पासवान समाज में हुआ था। उनके पिता निलहे अंग्रेजों के हरकारे थे। दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय से उन्होंने शास्त्री की उपाधि प्राप्त की थी। चौथी बिहार विधानसभ...
नानाथ प्र बोध, प्राचार्यअतुलश वर्मा ेजडीयू बिहार में शिक्कष प्रकोष्ठ प्रदेश महाशिविर।। संयो जकअिखलशे कुमा र,, रत्नेश कमुार,, देवनारायण पासवा न देव,, सनुील देवी, नागश लाल दास,, आचार्य योगेश्वर,, बिजय झा आदि। व्यक्तिगत जीवन भ ोला पासवान शस्त्री का नज्म पूर्ण िया जिेल के बैरगाछी गांव में पासवान समा ज में ुआ था।। उने प िता...
मुख्यमंत्री बने, लेकिन कांग्रेस ने बहुमत खो दिया और मध्यावधि चुनाव बुलाया गया। जून 1969 में जब कांग्रेस का विभाजन हुआ तो हरिहर सिंह की कांग्रेस सरकार गिर गई। भोला पासवान शास्त्री ने कांग्रेस गुट का साथ दिया और 13 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने। लेकिन उनका गठबंधन अस्थिर साबित हुआ। जून 1971 तक वह कांग्रेस में वापस आ गए और ...
।। उने प िता निलहे अंग्रजो ं के हरकार े थे। दरभंगा स ंस्कृत विश्वविद्यालय से उन्होंने शास् त्ी की उप ाधि प्राप्त की थी। च ौथी बिहार विधानसभा में 10 दिों के लिए वे बिहार क ेमुख ्यमं्तरी बने, लेकिन कांग्र ेस ने बहुमत खो दिया और मध्ाय वधि चुनाव बुलाया गया। ूजन 1969 ें जब कां ग्रेस काविभाजन हुआ तो हरिहर संिह की कांग्रेस सर...
नावों के दौरान 7 महीने के लिए मुख्यमंत्री बने। 1973 में वो केंद्र की इंदिरा गांधी सरकार में मंत्री भी रहे। भोला पासवान शास्त्री चाहे मंत्री रहें या फिर बाद में मुख्यमंत्री वो पेड़ के नीचे ही अपना काम भी करते थे। वो खुरदरी भूमि पर कंबल बिछाकर बैठते थे और वहीं अफसरों के साथ बैठक कर मामले का निपटारा भी कर देते थे। सार्वजन...
हरिहर संिह की कांग्रेस सरकार गिर ग। भोला पासवान शास्त् ीने कांग्रेस गुट का साथ दिया और 13 दिन के लिए म ुख्यमंत्री बने।। लेकिन उनका गठब ंधन अस्थिर स ाबि त हुआ ।। ूजन 1971तक वह कांग्रे समें वापस आ गए और 1972 केविधान स भ ा चुनावों के दौारन 7 महीने के लिए मुख्य मंत ्री ब ने।। 1973 में वो केंद्र की इं दा गंाधी सरकार में मत्...
िक जीवन में ईमानदारी और सार्वजनिक संपत्ति से खुद को दूर रहने के कारण बिहार की राजनीति के विदेह कहे गए। इनकी ईमानदारी ऐसी थी कि जब इनकी मृत्यु हुई तो खाते में इतने पैसे नहीं थे कि ठीक से श्राद्ध कर्म हो सके। शास्त्री जी को अपनी कोई संतान नहीं थी। विवाहित जरूर थे किन्तु पत्नी से अलग हो गये थे। बिरंची पासवान जो शास्त्री ज...
गंाधी सरकार में मत्री भी रेह । भोला पासवान ास्त्र चेह मंत्री रहे ं या फिर बाद में मखु्यमंत्र ी वो ेड़ के नीचे ही अपना क ा म भी करते े। वो खुरदी भूमि प र कं बल बिछकार बैठ ते थे और वहीं अफसरों के सा थ बैठक कर माम ले का निपटार ा भी कर देते थे।। सार्व जनिक जवीन में ईमानदारी और सा् वजनिक संपत्ति से खुद को दूर रहने के कारण ब...
जी के भतीजे हैं, उन्होंने ही शास्त्री जी को मुखाग्नि दी थी। पूर्णिया के तत्कालीन जिलाधीश ने इनका श्राद्ध कर्म करवाया था। गांव के सभी लोगों को गाड़ी से पूर्णिया ले जाया गया था। भोला पासवान शास्त्री के गांव पूर्णिया के बैरगाछी में आज भी उनका परिवार छप्पर के एक घर में रहता है। सरकार की ओर से शास्त्री जी के परिजन को एक या ...
स्वीट ज लप्रपात मेघालय में स्थितएक लजप्रपात ह।। स्वीट प्रपात शिलांग में स्थित एक जलप्रपात है। यह हैप्पी वैल ी से लभगग 5 किलोमीटर की दूरी परहै और इसकी ऊंचाई लग भग 96 मीटर है।। इसे अक्सर शिलांग का सबसे सुं दर ल ेक िन सबसे खतरन क जलप्रपात कहा जाता है। इ स गंव्य त सड़क मार ्ग से पहुंच जा सकता है।। हाला ंकि,, खराब मा र् ग औ...
स्वीट जलप्रपात मेघालय में स्थित एक जलप्रपात है। स्वीट प्रपात शिलांग में स्थित एक जलप्रपात है। यह हैप्पी वैली से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर है और इसकी ऊंचाई लगभग 96 मीटर है। इसे अक्सर शिलांग का सबसे सुंदर लेकिन सबसे खतरनाक जलप्रपात कहा जाता है। इस गंतव्य तक सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है। हालांकि, खराब मार्ग और झरने की...
ंच जा सकता है।। हाला ंकि,, खराब मा र् ग और झरने की खतरनाक प्रकृि े कारण पर्यटकों को झ रने के करीब जाने की मनाही है।। आसपास के इलाके दे वदार के पेड़ो ं से भरे ड़े हैं ।। प ौधो ं की कुछ प्राजतियों में यूपेट ोरियम,, लैंटाना,, रूबस,, फ़र्नओस्मुंडास्ट्रम सिनामोमियम रऔ फेगोप्टेरिस शामिल है । मोतें स्थानीय लोगों का मनाना है क...
झरने की खतरनाक प्रकृति के कारण पर्यटकों को झरने के करीब जाने की मनाही है। आसपास के इलाके देवदार के पेड़ों से भरे पड़े हैं। पौधों की कुछ प्रजातियों में यूपेटोरियम, लैंटाना, रूबस, फ़र्नओस्मुंडास्ट्रम सिनामोमियम और फेगोप्टेरिस शामिल हैं। मोतें स्थानीय लोगों का मानना है कि यह झरना भूतिया है। अगर लोग विषम संख्या में जाते है...
ेरिस शामिल है । मोतें स्थानीय लोगों का मनाना है कि यह झरना भूतिया है।। अग र ल ोग वषिम संख्या में जाते हैं,, तो वे सम ंसख्या में लौटते हैं।। यह झरान कई आ् महत् याओं और मौतों के लिए भी कुख्यात है।। जुालई 2001 मं श् री जांगखोलें हाओकिप,, माटा लम्ब ुलाने,, चुराचांद प ुर,, मणिपुर औ र सुश्री बोइसी,, मोलनो, चुराचां द पुर, मणि...
जाते हैं, तो वे सम संख्या में लौटते हैं। यह झरना कई आत्महत्याओं और मौतों के लिए भी कुख्यात है। जुलाई 2001 में श्री जांगखोलें हाओकिप, माटा लम्बुलाने, चुराचांदपुर, मणिपुर और सुश्री बोइसी, मोलनोम, चुराचांदपुर, मणिपुर डूबने से मृत्यु हो गई। 17 मार्च 2013 को, 23 वर्षीय छात्र कार्तिक मिश्रा, भारतीय प्रबंधन संस्थान के, झरने प...
व्याकरण सुधारें: लांगियांग जलप्रात भारतीय राज्य मेघालय में स्थित एक जलप्रपात है।। यह पश्चिम खासी हिल्स जिले में नंोगस्टोइन से 24 किोलमीटर दर संग्रींग गाँव के पास स्थित है।। इसे मावपोन गाँव से भी देख ा जा कसता है। प्रपात की कुल ऊंचाई लगभग 337 मीटर बताई जाती है।। हालाँक,ि, इसकी पुष्टि करने की आव्यकता है।। सइ उलब्ध आंकड़े...
लांगशियांग जलप्रपात भारतीय राज्य मेघालय में स्थित एक जलप्रपात है। यह पश्चिम खासी हिल्स जिले में नोंगस्टोइन से 24 किलोमीटर दूर, संग्रींग गाँव के पास स्थित है। इसे मावपोन गाँव से भी देखा जा सकता है। प्रपात की कुल ऊंचाई लगभग 337 मीटर बताई जाती है। हालाँकि, इसकी पुष्टि करने की आवश्यकता है। इस उपलब्ध आंकड़े के अनुसार यह भार...
आंकड़े के अनुसार यह भारत का तीसरा सबसे ऊंचा प्रपात है।। लोंगशियां,ग नोंगस्टइोन से लगभग 24 किमी दूर,, संग्रींग गँव से लगभग 30 मिनट की पैदल दूरी पर है। विशाल किंशी नदी िवभाजन के बाद दो भागों में बंट जाती हैऔरएशिया का दूसरा सबसे बड़ा नदी द्वीप बनाती है,, और लैंगचोंग क्षेत्र ेक ऊर की तरफ वापस मिलती है।। यह दनी एक घाटी से ग...
का तीसरा सबसे ऊंचा प्रपात है। लोंगशियांग, नोंगस्टोइन से लगभग 24 किमी दूर, संग्रींग गाँव से लगभग 30 मिनट की पैदल दूरी पर है। विशाल किंशी नदी विभाजन के बाद दो भागों में बंट जाती है और एशिया का दूसरा सबसे बड़ा नदी द्वीप बनाती है, और लैंगचोंग क्षेत्र के ऊपर की तरफ वापस मिलती है। यह नदी एक घाटी से गुजरती है और एक ताल बनाती ...
पस मिलती है।। यह दनी एक घाटी से गुजरती है और एक ताल बनाती है जिसे वी सपीई कहा जाा है। यह तला विाशलकाय चट्टानों से घिरा हुआ है। इस वेगवीत नदी ने इे गहर खाई में बदल दिया,, जो राज्य के सबसे ऊंचे रऔ सबसे बड़े झरने में से एक ै,, जिसे लोक्परि य रू से लैंगशियांग फॉल्स या कशा्इद उनार क े रपू में जनाा जाता है।। यह मावपोन के गां...
गुजरती है और एक ताल बनाती है जिसे वी स्पीई कहा जाता है। यह ताल विशालकाय चट्टानों से घिरा हुआ है। इस वेगवती नदी ने इसे गहरी खाई में बदल दिया, जो राज्य के सबसे ऊंचे और सबसे बड़े झरने में से एक है, जिसे लोकप्रिय रूप से लैंगशियांग फॉल्स या क्शाइद उरनार के रूप में जाना जाता है। यह मावपोन के गांव सहित हैमलेट्स के आसपास और आस...
रपू में जनाा जाता है।। यह मावपोन के गांव सहित हैमलेट्स के आसपास और आसपास हरी लॉन हाड़ियों के सबसे अच्छे मनोरम दृश्यों को प्रस्तुत करता है। लैंगचॉन्ग में भी कुछ अन्फॉ य झरे न हैं,, वेई सप्ाई के निकट दो झरने और हैं जिन्हें इडक्षिड चों फॉल्स और वस्पि फॉल्स कहा जाता है। परियोजना यह नदी बहा व में बहने के कारण इस गहरी खाई से...
मलेट्स के आसपास और आसपास हरी लॉन पहाड़ियों के सबसे अच्छे मनोरम दृश्यों को प्रस्तुत करता है। लैंगचॉन्ग में भी कुछ अन्फॉय झरने हैं, वेई स्पाई के निकट दो झरने और हैं जिन्हें इडक्षिड चोंग फॉल्स और वीस्पि फॉल्स कहा जाता है। परियोजना यह नदी बहाव में बहने के कारण इस गहरी खाई से गुजरती है और यहां एक परियोजना भी नियोजित है जिसे...
साफ करिए: टेर्पनियल चार समावयवी मोनटेर्पिनोइडों हैं।। टरेपनोइड किसी ऐल्कोहॉल के कार्यकारी समूह में बदलाव करके बनाये गये टेरपीन होते ैं। । टेर्पिनियल ोक इलायची कैजुपुट तेल, पाइन तेल और पेटिटग्रेन तेल जैसे विभिन्न स्रोतों से अलग किया गया ैह। इसके चार सायवय ेटर्पिनियल,, टेर्पिनियल, े्रपिनियल और ेटर्पिनियलओ4ल हैं।। टेर्पिन...
टेर्पिनियल चार समावयवी मोनोटेर्पिनोइडों हैं। टेरपेनोइड किसी ऐल्कोहॉल के कार्यकारी समूह में बदलाव करके बनाये गये टेरपीन होते हैं। टेर्पिनियल को इलायची कैजुपुट तेल, पाइन तेल और पेटिटग्रेन तेल जैसे विभिन्न स्रोतों से अलग किया गया है। इसके चार समायवय टेर्पिनियल, टेर्पिनियल, टेर्पिनियल और टेर्पिनियल4ओल हैं। टेर्पिनियल और टे...
र्पिनियल, े्रपिनियल और ेटर्पिनियलओ4ल हैं।। टेर्पिनियल और टेर्पिनियल केवल द्विआबन्ध के स्थान ेस भिन्न होते हैं।। टेर्पिनियल आमतौर पर इन समावयवों का मिश्रण होता है जिसमें टेर्पिनियल प्रमुख घटक होता ह।ै टेर्पिनियल में बकइन के समान एक स ुखद गंध होती है और यह इत्र, सौंदर्य प्रसानों और स्वादों में एक आम टक है।। ेटर्पिनियल लै...
टेर्पिनियल4ओल हैं। टेर्पिनियल और टेर्पिनियल केवल द्विआबन्ध के स्थान से भिन्न होते हैं। टेर्पिनियल आमतौर पर इन समावयवों का मिश्रण होता है जिसमें टेर्पिनियल प्रमुख घटक होता है। टेर्पिनियल में बकाइन के समान एक सुखद गंध होती है और यह इत्र, सौंदर्य प्रसाधनों और स्वादों में एक आम घटक है। टेर्पिनियल लैप्संग सूचॉन्ग चाय के दो ...
एलिफैंट जलप्रपात मेघालय म े स्थित एक जलप्ापत है। यह शिलॉन्ग से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण एक प्रमुख पर्यटक स्थल बन चुका है।। जल्परपात का नाम एलिफेंट जलप्रपात तब पड़ा जब पास में एक विशाल पत्थर था,, जो हाथी के आकार जैसा दिखता थ।ा। यह जलपर्पात तीन चरों मे गिरता ह और इसके आसपास क...
एलिफैंट जलप्रपात मेघालय मे स्थित एक जलप्रपात है। यह शिलॉन्ग से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण एक प्रमुख पर्यटक स्थल बन चुका है। जलप्रपात का नाम एलिफेंट जलप्रपात तब पड़ा जब पास में एक विशाल पत्थर था, जो हाथी के आकार जैसा दिखता था। यह जलप्रपात तीन चरणों में गिरता है और इसके आसपास क...
और इसके आसपास का वातारण शाति और सुकून से भ रपूर है,, जो इसे एक आदर्श पर्यटनस थ्ल बनाता है।। शिलांग पीक के काफी करीब एक छोट सा साइनबोर्ड एक छोटी ी सड़क को चिह्नित करता है जो पहाड़ के क िनराे की ओर मुड़ती है।। यह सड़क झरने की ओर जाती है। गे से,, झरने के प्रत्येक स्तर पर जाने के लिए सीढि़याँ हैं, जहँा पहले और दूसरे स्तर प...
वातावरण शांति और सुकून से भरपूर है, जो इसे एक आदर्श पर्यटन स्थल बनाता है। शिलांग पीक के काफी करीब एक छोटा सा साइनबोर्ड एक छोटी सी सड़क को चिह्नित करता है जो पहाड़ के किनारे की ओर मुड़ती है। यह सड़क झरने की ओर जाती है। गेट से, झरने के प्रत्येक स्तर पर जाने के लिए सीढ़ियाँ हैं, जहाँ पहले और दूसरे स्तर पर आराम करने के लिए...
जहँा पहले और दूसरे स्तर पर आरा करेन के लिए बेंच हैं।। झरना देखने के लिए 20 रुपये का टिकट लेन पड़ता है,, साथ ही क ैमरा लाने क ी अनुमति के लिए 20 रुपये का अतिरिक्त शुलक देना पड़ता है।। इतिहास और नामकरण एलिफेंट जलप्रपात का नमा पहले कौली जलप्रपात थ,, जो स्थानीय भाषा में एक प्रसिद्ध कथा से जुड़ा हुआ था।। सम के साथ यह जलप्रप...
के लिए बेंच हैं। झरना देखने के लिए 20 रुपये का टिकट लेना पड़ता है, साथ ही कैमरा लाने की अनुमति के लिए 20 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है। इतिहास और नामकरण एलिफेंट जलप्रपात का नाम पहले कौली जलप्रपात था, जो स्थानीय भाषा में एक प्रसिद्ध कथा से जुड़ा हुआ था। समय के साथ यह जलप्रपात अपने पास स्थित एक विशाल हाथी के आकार...
के साथ यह जलप्रपात पने पास स्िथत एक विशाल हाथीक े आकार ेकप त्थर केकारण एलिफेंट जलप्रपात के नाम से प्रसिद्ध हुआ। हालांिक वह पत्थर अब नीं रहा, फिर भी जलप्रपात का नाम उसी पर आधारित है। भौतिक संरचना एलिफेंट जलप्रपात तीन स्तरो में गरता है, जिन्हें देखने से ऐसा गताहै कि यह जलप्परात अलगअलग चरणों मं विभािज त होग या हो। प्रत्ये...
थर के कारण एलिफेंट जलप्रपात के नाम से प्रसिद्ध हुआ। हालांकि वह पत्थर अब नहीं रहा, फिर भी जलप्रपात का नाम उसी पर आधारित है। भौतिक संरचना एलिफेंट जलप्रपात तीन स्तरों में गिरता है, जिन्हें देखने से ऐसा लगता है कि यह जलप्रपात अलगअलग चरणों में विभाजित हो गया हो। प्रत्येक चरण में पानी की धारा अलगअलग दिशा में गिरती है, जिससे ...
िज त होग या हो। प्रत्येक चर णमंे पाी की धारा अलगअलग दिशा में गिरती है,, जिसेस य जलप्रपात और भी आकर्षक रऔ दृश्यात्मक रूप स दिलचस्प बनता है। जलप्रपात के आसपास की हपाड़ियाँ और ने जंगल इस स्थान को एक नयनाभिराम स्थल बनाते हैं।। यहाँ का शांत वातावरण और सुंदर दृश्य पर्यटन ो और भी रोमांचक बना देते ैं।। स्थान और पहुँच यह जलप्रप...
जलप्रपात और भी आकर्षक और दृश्यात्मक रूप से दिलचस्प बनता है। जलप्रपात के आसपास की पहाड़ियाँ और घने जंगल इस स्थान को एक नयनाभिराम स्थल बनाते हैं। यहाँ का शांत वातावरण और सुंदर दृश्य पर्यटन को और भी रोमांचक बना देते हैं। स्थान और पहुँच यह जलप्रपात शिलॉन्ग के केंद्र से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और यहाँ तक पहुँचन...
पहुँच यह जलप्रपात िशलॉन्ग के केंद्र से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्ित है और यहाँ तक पहुँनचे के लिए एकस ुंदर और मनोरम पहाड़ी रास्ता य करना पड़ता है।। रास्ते में घने जंगल और पहाड़ियों के दश्य पर्यटकंो को एक अ्दभुत अनुभव प्रदान करते हैं।। शिलॉन्ग से एलिफेंट जलप्रपात तक पहुँचना अपेक्षकृत सरल है,, और यहाँ तक पहुँचन े के ल...
हुँचने के लिए एक सुंदर और मनोरम पहाड़ी रास्ता तय करना पड़ता है। रास्ते में घने जंगल और पहाड़ियों के दृश्य पर्यटकों को एक अद्भुत अनुभव प्रदान करते हैं। शिलॉन्ग से एलिफेंट जलप्रपात तक पहुँचना अपेक्षाकृत सरल है, और यहाँ तक पहुँचने के लिए पर्यटक टैक्सी या निजी वाहन का उपयोग कर सकते हैं। पर्यटन गतिविधियाँ और आकर्षण एलिफेंट ...
और यहाँ तक पहुँचन े के लिए पर्यटक ैटक्सी या निजी वानह का उपयोग कर सकते है।ं। पर्यटन गतिविधियाँ और आकर्षण एलिफेंट जलप्रपात में पर्यटक न केवल जलप्रपात का दृश्य देख सकते हैं,, बल्क यहाँ के आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद भी ले सकते हैं। शंति औ र स ुकून के वातावरण में पिकनिक मनाने के लएि यह स्थल आदर्श है। जलप्रपा के नीच...
्षण एलिफेंट जलप्रपात में पर्यटक न केवल जलप्रपात का दृश्य देख सकते हैं, बल्कि यहाँ के आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद भी ले सकते हैं। शांति और सुकून के वातावरण में पिकनिक मनाने के लिए यह स्थल आदर्श है। जलप्रपात के नीचे स्थित तालाब में पानी की ठंडी धारा में नहाने का भी आनंद लिया जा सकता है। यह जलप्रपात शिलॉन्ग के अन्य...
है। जलप्रपा के नीचे स्थित तालाब में पानी की ठंडी धारा में हनाने क भी आनंद लिया जा सकताहै।। यह जलप्रपात शिलॉन्ग के अ्य प्रमु पर्यटन स्लों जैसे शिलॉन्ग पीक, बोटनिकल गार्डन और लॉर्ड्स म्यूियम से भी जुड़ा हुआ है। रप्यटन का सर्वो्तम समय एलिफेंट जलपर्पात की यात्रा करने के लिए सबसे उपयुक्त सम मार्च से अक्टूबर के बीच होता है। ...
टन स्थलों जैसे शिलॉन्ग पीक, बोटनिकल गार्डन और लॉर्ड्स म्यूजियम से भी जुड़ा हुआ है। पर्यटन का सर्वोत्तम समय एलिफेंट जलप्रपात की यात्रा करने के लिए सबसे उपयुक्त समय मार्च से अक्टूबर के बीच होता है। विशेष रूप से मानसून के बाद जब जलप्रपात में पानी की धारा अधिक होती है, यह स्थल अपने उच्चतम आकर्षण पर होता है। सर्दियों में यह...
होता है। विशेष रूप से मानसून के बाद जब जलप्रपात में पानी की धारा अधिक होती है,, यह स्थल अपेन उच्चतम आकर्षण पर होता है। सर्दियों में यहाँ का मौसम हल्का और सुखद होता है,, जो शांति से भरा होता है।। संरकषण और पर्यावरण एलिेंट जलप्रपा त का प्राकृतिक सौंदर्य और इसके आसपास ाक जैवि कवातावरण पर्यटकों के लिए एक मूल्यवान अनुभव है।...
हाँ का मौसम हल्का और सुखद होता है, जो शांति से भरा होता है। संरक्षण और पर्यावरण एलिफेंट जलप्रपात का प्राकृतिक सौंदर्य और इसके आसपास का जैविक वातावरण पर्यटकों के लिए एक मूल्यवान अनुभव है। इस जलप्रपात के आसपास की घनी वनस्पतियों और जैव विविधता को बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कई प्रयास किए जा रहे हैं। यह जलप्रपात न क...
ापताल ानी जलप्रपात मध्य प ्रदेश के इंदौर जिले में स्थ ित है प्रकृ<ref>त</ref> ि के सौंदर्य स े ओतप्<ref>र</ref>ो<ref>त</ref> यह झन ा ड ॉ आंबेडकर <ref>नगर</ref> तहसील के <ref>न</ref>ि कट स्थित है।। चोरल नदी र य ह ज लप्रपात बहुत ही स ुन्दर है।। वर्षा ऋतु में इन ्दौर क ी ओर से <ref>ज</ref>ाने व ाल े पर्<ref>यटक</ref>ो के ...
पातालपानी जलप्रपात मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में स्थित है प्रकृति के सौंदर्य से ओतप्रोत यह झरना डॉ आंबेडकर नगर तहसील के निकट स्थित है। चोरल नदी पर यह जलप्रपात बहुत ही सुन्दर है। वर्षा ऋतु में इन्दौर की ओर से जाने वाले पर्यटकों के लिए अत्यन्त मनोरम है। चारों ओर फैली हरियाली और घुमावदार पहाड़ियां आपका मन मोहने में शायद ह...
व्याकरण सुधारें: वनस् पियों से प्राप्<ref>त</ref> उन पदार्थों को टैनि न कहते हैं जो चमड़ े<ref>क</ref>े कमाने में<ref>प</ref>्रयुक्त हो ते हैं। रसायन ये विभिनन् प्रकार के होते ह ैं। वि <ref>भ</ref>िन्<ref>न</ref> स्रोतों से प्रा प्त टेनिन क े न ाम विभिन्न हैं। एक स्<ref>र</ref>ोत रस <ref>इम</ref>िला टा से प्राप्<ref>त<...
वनस्पतियों से प्राप्त उन पदार्थों को टैनिन कहते हैं जो चमड़े के कमाने में प्रयुक्त होते हैं। रसायनत ये विभिन्न प्रकार के होते हैं। विभिन्न स्रोतों से प्राप्त टेनिन के नाम विभिन्न हैं। एक स्रोत रस इमिआलाटा से प्राप्त टैनिन को चीनी टैनिन दूसरे स्रोत क्वर्कस इन्फेक्टोनियस से प्राप्त टैनिनका टर्की टैनिन बंजुल से प्राप्त टै...
रस <ref>इम</ref>िला टा से प्राप्<ref>त</ref> टैनि<ref>न</ref> को चीनी ट ैनि न दूसरे <ref>स</ref>्रोत क्वर स इन्फेकट्ोनियस सेप्राप्त <ref>ट</ref>ैनिनका टर् की टैनिन बंजुल से प ्<ref>र</ref>ाप्त टैनिन को बंजुल टैन ि तथा किनो से प्राप्त टै<ref>न</ref>िन को िकनो टैनिन कतहे हं। टैनिन में <ref>ट</ref> ैनि क अम्ल, गैलि<ref>क<...
न को बंजुल टैनिन तथा किनो से प्राप्त टैनिन को किनो टैनिन कहते हैं। टैनिन में टैनिक अम्ल, गैलिक अम्ल, इलेगिक अम्ल आदि अम्ल रहते हैं टैनिक अम्ल सबसे अधिक महत्व का अम्ल टैनिक अम्ल है। इसका 50 प्रतिशत तक माजूफल में रहता है। बंजुल जाति के वृक्षों की डाल और पत्तों के रोगग्रस्त होने के कारण यह बनता है। चाय, सुमैक और अन्य कई प...
िकनो टैनिन कतहे हं। टैनिन में <ref>ट</ref> ैनि क अम्ल, गैलि<ref>क</ref> अम्<ref>ल</ref>,, इलेग िक अम्ल आदि अम्ल रहते <ref>ह</ref>ैं ैटनिक अम्लस बसे अधि क मत्<ref>व</ref> का अम् ल ट ैनिक अम्ल है। <ref>इसक</ref>ा 50 प्रितशत तक ाजूफल में रहता है। <ref>ब</ref>ंजुल जाति के वृक्षों क ी डाल <ref>और</ref> पत्तों क े रोगग्रस्त ...
यह बनता है। चाय, सुमैक और अन्य कई पौधों में भी यह पाया जाता है। महीन पीसे हुए माजूफल के ईथर और ऐल्कोहल द्वारा निष्कर्षण से यह प्राप्त हो सकता है। बहुत सावधानी से शोधन करने पर भी यह समावयव नहीं होता, अत यह मिश्रण समझा जाता है। शुद्ध टैनिक अम्ल वर्णहीन, अमणिभीय ठोस है। यह जल में द्रत विलेय, पर ऐल्कोहल और ईथर में अल्प विल...
ाजूफल में रहता है। <ref>ब</ref>ंजुल जाति के वृक्षों क ी डाल <ref>और</ref> पत्तों क े रोगग्रस्त होने के कारण यह बनता है। चा<ref>य</ref>,, सुमैक और अन्य ईक पौध ं में भीयह पाया जाता है। महीन <ref>प</ref>ीसे हुए माजूलफ के ईथर और ऐल्कोहल दव् ारा निष्कर्ष से यह प्राप्त हो सकता है। बुहत सावधानी स े शो धन कर ने पर भी यह समावयव...
विलेय, पर ऐल्कोहल और ईथर में अल्प विलेय है। जलीय विलयन का स्वाद तिक्ताकषाय होता है। फेरिक लवणों से यह गाढ़ा नीला रंग देता है। अत स्याही बनाने में वह व्यापक रूप से प्रयुक्त होता है। टैनिक अम्ल के जलीय विलयन में पशुओं की खाल रखने से वह पक कर चमड़ा ब जाती है। इसी से चर्म पाक में यह प्रयुक्त होता है। ऐल्कालॉयड और प्रोटीन क...
साफ करिए: थाइरॉक्सिन अथवा टीफोर अवटु ग्रंथि द्वारा निर्मित किया जाने वालह ा्रमोन है।। यह थाइरॉइड हार्मोन का प्रामिक रूप है जो रक्त मे ं पाया जाता है।। यह अधिक सक्रिय थायराइड हार्मोन,, ्टराईआयोडोथयाोनिन के प्रोहॉर्मोन के रूप में कार्य करता है थाइरॉकसिन और इसका सक्रिय चयापचय पान दर को व िनियमित कनरे, हदय और मांसपेशियों क...
थाइरॉक्सिन अथवा टीफोर अवटु ग्रंथि द्वारा निर्मित किया जाने वाला हार्मोन है। यह थाइरॉइड हार्मोन का प्राथमिक रूप है जो रक्त में पाया जाता है। यह अधिक सक्रिय थायराइड हार्मोन, ट्राईआयोडोथायोनिन के प्रोहॉर्मोन के रूप में कार्य करता है थाइरॉक्सिन और इसका सक्रिय चयापचय पाचन दर को विनियमित करने, हृदय और मांसपेशियों के कार्य के...
थायोयूरिय एक कार्बनिक यौगिक है जिसा अणुसूत्र SC2 है।। संरचना की दृषट्ि से यह यूरिया के समान ही है, अ न्तर क ेवल इतना है कि यूरिय का आक्सीजन परमाणु के स्थान प रगंधक परमाणु है। किन्तु थायोयूरिया के गुण, यूरिया से बहुत अलग हैं। का्रबिक सश्लषण में थायोयरिया एक अभिकर्मक है। । CS संरचन ा वाले सभी यौगिकों को सम्मिलित रपू से थ...
थायोयूरिया एक कार्बनिक यौगिक है जिसका अणुसूत्र SC2 है। संरचना की दृष्टि से यह यूरिया के समान ही है, अन्तर केवल इतना है कि यूरिया का आक्सीजन परमाणु के स्थान पर गंधक परमाणु है। किन्तु थायोयूरिया के गुण, यूरिया से बहुत अलग हैं। कार्बनिक संश्लेषण में थायोयूरिया एक अभिकर्मक है। CS संरचना वाले सभी यौगिकों को सम्मिलित रूप से ...
व्याकरण सुधारें: 1,,1,1ट्राइफ्लरोोथइेन <ref>एक</ref> ार्निक यौगिक है।। यह सामा<ref>न</ref>्य ताप और दबा पर एक रंगहीन गैस के रूप में रहता है और इस साधारणतया ट्ाइफ्लोरोइथे<ref>न</ref> कहते हैं।। यह आर134ए और अपने समावयवी अपररूप 1,1,,2ट्राइफ्<ref>ल</ref>ोरोइथे न <ref>स</ref>े भिन्न है। इसका क्रान्तिक ताप 73 C है।। उपयोग इ...
1,1,1ट्राइफ्लोरोइथेन एक कार्बनिक यौगिक है। यह सामान्य ताप और दाब पर एक रंगहीन गैस के रूप में रहता है और इसे साधारणतया ट्राइफ्लोरोइथेन कहते हैं। यह आर134ए और अपने समावयवी अपररूप 1,1,2ट्राइफ्लोरोइथेन से भिन्न है। इसका क्रान्तिक ताप 73 C है। उपयोग इसे धात्विक और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सफाई के लिए विलायक के रूप में काम मे...
व्याकरण सुधारें: क्रिनोलइान जलप्र पात मेघालय मे स्थित एक जलप्रपा<ref>त</ref> है।। स्थान क् रिनोल ाइन जलप्<ref>रप</ref>ात भारत के मेघालय राज्य में स्थ ित एक परस्िद्ध जलप्रपात है।। यह जलप्रपात मुख्य रूप से पूर ्ीव जयंतिया हिल् सजिले में स्थित है।। यह जपल्रपात राज्य के अन्य जलप्रप ातों की तरहअपनी प्ारकृतिक स ुं दरता और अस...
क्रिनोलाइन जलप्रपात मेघालय मे स्थित एक जलप्रपात है। स्थान क्रिनोलाइन जलप्रपात भारत के मेघालय राज्य में स्थित एक प्रसिद्ध जलप्रपात है। यह जलप्रपात मुख्य रूप से पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में स्थित है। यह जलप्रपात राज्य के अन्य जलप्रपातों की तरह अपनी प्राकृतिक सुंदरता और असाधारण दृश्य के लिए जाना जाता है। विवरण क्रिनोलाइन...
ुं दरता और असाधारण दृ श्<ref>य</ref> के लिए जाना जा ता है। विवरण क्रिनोलाइन जपल ्रप ात मेघालय के सबसे ऊं चे जलप्रप ातों मे से एक है।। इसका ापनी एक सुंदर,, चौड़ी और ऊंची धारा के रूप में गिरता ह,, जो इ से दर्शकों क लि आक्षण का केंद्र बनाता है । यह जलप्रपात ्राकृतिक जंगो<ref>ल</ref>ं ेक बीच स्थित है और यहां की हरीभर ी वनस...
में से एक है। इसका पानी एक सुंदर, चौड़ी और ऊंची धारा के रूप में गिरता है, जो इसे दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाता है। यह जलप्रपात प्राकृतिक जंगलों के बीच स्थित है और यहां की हरीभरी वनस्पति तथा शांति वातावरण की खूबसूरती को और बढ़ाती है। इतिहास और महत्व क्रिनोलाइन जलप्रपात का नाम इसकी विशेषताओं से प्रेरित है, जो किस...
ं ेक बीच स्थित है और यहां की हरीभर ी वनस्पति तथा शांति वातावरण <ref>क</ref>ी खूबसूरती को और बढ़ाती है।। इतिहास <ref>और</ref> म हत्व कर िनोलइन जल्परपात का नाम इस की वि<ref>श</ref>ेषतओं से प्रेरित है, जो कि सी क्रनिोलाइन या रिंग <ref>क</ref> तरह दिखता <ref>ह</ref>ै।। य ह जल प्रपात स्थानीयआ <ref>द</ref>िवासी समुदायों के ल...
सी क्रिनोलाइन या रिंग की तरह दिखता है। यह जलप्रपात स्थानीय आदिवासी समुदायों के लिए महत्वपूर्ण है और उनका विश्वास है कि यह जलप्रपात धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से विशेष महत्व रखता है। भूगोल और जलधारा क्रिनोलाइन जलप्रपात एक ऊंचे पहाड़ी इलाके से बहता है। इसका पानी नदियों और पहाड़ी नालों से आकर इस जलप्रपात में गिरता है...
पात स्थानीयआ <ref>द</ref>िवासी समुदायों के लिए महत्वपू र्ण है और उकना विश्<ref>व</ref>ास है कि यह लप्र पात धार्मिक औ र सांस्कृतिक दृष्टिकोण से विशे ष महत्व रखता है। भूगोल औ र <ref>जलध</ref>ारा क ्रिो<ref>ल</ref>ाइन जलप्र पात एक ऊंचे पहाड़ ी <ref>इ</ref> लाके से बहता है। इ सका पा नी नदियों और पाहडी न ालों से आक र इस <re...
का आकार और पानी की गिरावट इसे और भी प्रभावशाली बनाती है। पर्यटन और यात्रा यह जलप्रपात मेघालय आने वाले पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण स्थल है। पर्यटक यहां प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथसाथ जंगल सफारी और ट्रैकिंग जैसी गतिविधियों का भी अनुभव कर सकते हैं। जलप्रपात तक पहुंचने के लिए यात्रा मार्ग अच्छे हैं, लेकिन यह...
सका पा नी नदियों और पाहडी न ालों से आक र इस <ref>जलप</ref>्रप ात में िगरता है।। <ref>जलप</ref>्रपत क आकार और पानी की गिरावट इसे और भी प्रभावशाल ी बनात ी है। पर्यटन और य ात्र ा यह जलप्रपात मेघालय आन वले <ref>पर</ref>्यटकों के लिए क प्रम ुख आकर्षण स्थल ह ै।। पर्यटक य हां प्राकृतिक सौंदर्य का आनं द <ref>ल</ref>ेने े साथसा...
जगह बहुत दूर और ऊंचाई पर होने के कारण यहां पहुंचने के लिए शारीरिक श्रम की आवश्यकता होती है। संरक्षण और पर्यावरण यह जलप्रपात एक पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है, जहाँ आसपास के जंगलों और जीवों की रक्षा की जाती है। स्थानीय प्रशासन और समुदाय इसके संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत हैं ताकि इस प्राकृतिक धरोहर को आने वाल...
साफ करिए: ट्राइएथिलाइलुमिनियम एक ऑर्गैनएोलुमिनियम यौगिक है।। वास्तव में यह एक द्वितय है,, रऔ इसके इस नाम <ref>क</ref>े बावजूद इसका सतू्र Al26 है,, जिसको संक्षपे में Al2Et6 लिखते <ref>ह</ref>ै ।। <ref>ट</ref>्राइएिथा<ref>इल</ref>ुमिनियम एक वाष्पशील,, रंगहीन द्व ै।। यह अत्यन्त स्वतःज्वलनशील पदा्रथ है जो वायु े सम्पर्क मे...
ट्राइएथिलाइलुमिनियम एक ऑर्गैनोएलुमिनियम यौगिक है। वास्तव में यह एक द्वितय है, और इसके इस नाम के बावजूद इसका सूत्र Al26 है, जिसको संक्षेप में Al2Et6 लिखते हैं । ट्राइएथिलाइलुमिनियम एक वाष्पशील, रंगहीन द्रव है। यह अत्यन्त स्वतःज्वलनशील पदार्थ है जो वायु के सम्पर्क में आते ही जल उठता है। इसलिए इसे स्टेनलेस स्टील के डिब्बो...
1,1,,1ट ्राइ्लोरोइथेन एक कार्बनि क यौगिक है। 1,1,,1ट्राइक्लोर ोइथेन को तैयार कने की वधिि 1,,1,,1ट ्रिक्लोरोइथेन पहली बार 1840 में हेनीर िवक्टर रेगनाल्ट द्वारा रिपोर्ट क िया गया था। औद् योगिक रूप से, यह आमतौर पर vinyl hcloride से दोचरण की प् रक्रिया में निर्मित होता है।। पह ले च रण में,, vinyl c horide,, 1dichloreothane...
1,1,1ट्राइक्लोरोइथेन एक कार्बनिक यौगिक है। 1,1,1ट्राइक्लोरोइथेन को तैयार करने की विधि 1,1,1ट्रिक्लोरोइथेन पहली बार 1840 में हेनरी विक्टर रेगनाल्ट द्वारा रिपोर्ट किया गया था। औद्योगिक रूप से, यह आमतौर पर vinyl chloride से दोचरण की प्रक्रिया में निर्मित होता है। पहले चरण में, vinyl chloride 1,1dichloroethane का उत्पादन क...
, vinyl c horide,, 1dichloreothane का उत्पादन करन े के लिए 2 050 डिग्री सेल्ियस पर hydrogen chl oride के साथ पर्तकि्रिय करता है CH2 CHCl HCl CH3CHC l2 यह प्रत िक्रिया विभिन्न प्रकार के लुईस ए सिडस े उत्प न्न होतीह ै, मुख् य रूप से alumini um chloride, Fe c hloride य ा जस्ता क्लोराइड । पराबैंगनी विक िरण के तत क्लोरीन के...
पर hydrogen chloride के साथ प्रतिक्रिया करता है CH2CHCl HCl CH3CHCl2 यह प्रतिक्रिया विभिन्न प्रकार के लुईस एसिड से उत्पन्न होती है, मुख्य रूप से aluminium chloride, Fe chloride या जस्ता क्लोराइड। पराबैंगनी विकिरण के तहत क्लोरीन के साथ प्रतिक्रिया से 1,1dichloroethane को 1,1,1ट्रिक्लोरोइथेन में परिवर्तित किया जाता है CH...
रण के तत क्लोरीन के साथ प्रति्रयिा से 1,,1dichl oroethane को 1,,1ट्रि क्लोरोथेन में रपिवर्तित किया जाता है CH3CCl 2 Cl2 CH3CCl3 Cl 8090 उप पर यह प ्रतिक्रया आ,य, औ र hydr ogen chloride उपउत्पाद प्रक्रिया मं पहल े च रण के लि ए पुनर्नवीनीकरण किय ा जा सकता है। ्रम ुख साइडउत्पाद 1,,2,,2trihcolroethane से सम्बद्ध है,, जिसमे...
प्रतिक्रिया आय, और hydrogen chloride उपउत्पाद प्रक्रिया में पहले चरण के लिए पुनर्नवीनीकरण किया जा सकता है। प्रमुख साइडउत्पाद 1,2,2trichloroethane से सम्बद्ध है, जिसमें से 1,1,1ट्रिक्लोरोइथेन को आसवन द्वारा अलग किया जा सकता है। Fe chloride उत्प्रेरक की उपस्थिति में vinylidene chloride और hydrogen chloride की प्रतिक्रिया...
,,2trihcolroethane से सम्बद्ध है,, जिसमें से 1,,1,,1ट्रिक्लोरोइथेन को आसवन द्वारा अलग किया जा सता है।।F e chloride उत्प्रेरकक ी उसप्थति में viynlidne chloride और hydrogen chloride की प्रतिक्रिया से 1,,1,,1ट्रिक्लोरोइेथनक ी कुछ छोटी मात्र का उत्पादन होत ा है CHCC2 HCl CH3CCl3 1,,1,,1ट् रिक्लोरोइथेन स्टेबलाइजर्स के साथ व...
है CH2CCl2 HCl CH3CCl3 1,1,1ट्रिक्लोरोइथेन स्टेबलाइजर्स के साथ विपणन किया जाता है क्योंकि यह डीहाइड्रोक्लोरिनीकरण के संबंध में अस्थिर है और कुछ धातुओं पर हमला करता है। स्टेबलाइजर्स में एसिड स्केवेनर और कॉम्प्लेन्टस सहित 8 सूत्रीकरण शामिल हैं। ozone depletion के लिए जिम्मेदार उन यौगिकों में से एक के रूप में मॉन्ट्रियल प...
स्टेबलाइजर्स के साथ विपणन किया जाता है क ्योंकि यह डीहाइड्रोक्लो रिनीकरण के संबंध मे ं अस्थिर ह ै और कुछ धातुओं पर हमला करता ह।ै। स्टेबलाइजर्स में एसिड स् केवेनर और कॉम्प्ल ेन्टस सह ित 8 स ूत्रीकरण शामिल हैं।। ozone dpletion े लिए जि म्मेदा र उन यौगिकों में से एक के र ूपमे ं मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को 1,1,,1ट्ाई्लोरोइथेन ...
यल प्रोटोकॉल को 1,1,1ट्राईक्लोरोइथेन को लक्षित किया गया और 1996 में इसका प्रयोग शुरू करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। तब से, इसका निर्माण और उपयोग पूरे विश्व में समाप्त हो चुका है। उपयोग 1,1,1ट्रिक्लोरोइथेन को आम तौर पर एक गैरध्रुवीय विलायक माना जाता है। क्लोरीन परमाणुओं के अच्छे ध्रुवीकरण के कारण, यह जैविक यौगिकों के लि...
प्रोटोकॉल को 1,1,,1ट्ाई्लोरोइथेन को लक्षित क िया गया और1996 में इसका प्र योग शुरू कर ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। तब से,, इसका निर्माण और उपयोग पूरे विश्व में स माप्त हो चुका ह ै। उपयो ग 1,1,,1्टरिक्लोरोइथेन को आ म तर पर एक गैरध्रुवीय विलायक माना जाता है। क ्लोरी परमाण ुओं के अच्छे ध् रुवकण के कार,,ण यह जैविक यौगिकों क...
एक बेहतर विलायक है जो हाक्सन जैसे हाइड्रोकार्बन में अच्छी तरह भंग नहीं करता। यह कई कार्बनिक पदार्थों के लिए एक उत्कृष्ट विलायक है और chlorinated hydrocarbon के कम से कम विषाक्त पदार्थों में से एक है। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल से पहले, यह धातु के हिस्सों और circuit boards की सफाई के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल किया गया था, इल...
यह जैविक यौगिकों के लिए एक बेहतर विलायक है जो हका्सन जैसे हाइड्रोक ार्ब न ेमं अच्छी तरह भंग हनीं करता।। यह कई कार्बन िक पदार्थों के लिए एक उत्कृष् विलायक है और chlorinaed hy drocar bon के कम से क म विषाक्त दार् थ ोंम ें ेस एक है।। मॉन् ट्रियल प्रोटकॉल स े पहले,, यह धा त के िस्सो र circuit boards की सफाई के लिए व्यापक र...
िक्स उद्योग में एक फोटोसिसेंट विलायक के रूप में, एक एरोसोल प्रणोदक के रूप में, एक काटने वाले तरल पदार्थ additive के रूप में और स्याही, पेंट, चिपकने वाले और अन्य के लिए विलायक के रूप में कोटिंग्स। 1,1,1ट्रिक्लोरोइथेन का उपयोग एक insecticidal fumigant के रूप में भी किया जाता है। यह फोटोग्राफिक फिल्म के लिए मानक क्लीनर भी...
र circuit boards की सफाई के लिए व्यापक रूप से स्त ेमल िया गया था,, इलेक्ट्रॉनिक्स उद् योग में एक फोटोसिसेंट विलायकक े रूपमें, एक एरोसोल प्रणोदक के रूप में,, ए क कानटे वाले त रल पदार्थ aditive के रूप म ें और स्याही,, ें ट,, चिपके वाले और अन्य के लिए विलाक के रूप में कोटं ग्स।। 1,1,,,1ट्रिक्लोरोइथेन का उपयोग ए क insectic...
। अन्य सामान्य रूप से उपलब्ध सॉल्वैंट्स पायस को नुकसान पहुंचाते हैं, और इस तरह इस आवेदन के लिए उपयुक्त नहीं हैं। मानक प्रतिस्थापन, फोरेन 141 बहुत कम प्रभावी है, और एक अवशेष छोड़ देता है। 1,1,1ट्रिक्लोरोइथेन का प्रयोग तरल पदार्थ जैसे सुधार द्रव उत्पादों में पतले के रूप में किया गया था। इसके कई अनुप्रयोगों ने पहले कार्बन...
व्याकरण सुधारें: ट्रपिेनिल फॉस्फिन फॉर्मूला पी 3 के ासथ कए आम ऑ ्गोफॉस्फोरस यौगि क है अक्सर ीएच 3 या पीएच 3 पी के लिए ंक्षेप में क िया जाता है। यह कार्बिनक और ऑर्गोमेटोमेटिक यौगिकों के संश ्लेषण मं व्याप क रूप से उपयोग क िया जाता है।। पीपीएच 3 मकरे के तापमा न पर अपेक्षाकृत हवा सथ्िर,, रंगहीन क्रस्टल के र ूप में मौजूद ह...
ट्रिपेनिलफॉस्फिन फॉर्मूला पी 3 के साथ एक आम ऑर्गोफॉस्फोरस यौगिक है अक्सर पीएच 3 या पीएच 3 पी के लिए संक्षेप में किया जाता है। यह कार्बनिक और ऑर्गोमेटोमेटिक यौगिकों के संश्लेषण में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। पीपीएच 3 कमरे के तापमान पर अपेक्षाकृत हवा स्थिर, रंगहीन क्रिस्टल के रूप में मौजूद है। यह गैरध्रुवीय कार्बन...
िर,, रंगहीन क्रस्टल के र ूप में मौजूद है। यह गैरध्रु वीय कर्बन िक सॉल्वैंट्स जैसे बेंजीन और डायथिल ई थर में घुल जाता है।।ट् राइफिनाइलफोस्फिन एक कार्बनकि ौयगिक है।।पचानकर्ता सीएएस सखं्या 603350 3 डी मॉडल इंरेक ्टिव छ वि Chem Spider 1 1,,283 ईसीएचए इन्फोक ार्ड 10000 9142 ईसी संख्या 2100360 पबकेम सीआईडी 11776 आरटीईसीएस सं...
। यह गैरध्रुवीय कार्बनिक सॉल्वैंट्स जैसे बेंजीन और डायथिल ईथर में घुल जाता है।ट्राइफिनाइलफोस्फिन एक कार्बनिक यौगिक है। पहचानकर्ता सीएएस संख्या 603350 3 डी मॉडल इंटरेक्टिव छवि ChemSpider 11,283 ईसीएचए इन्फोकार्ड 100009124 ईसी संख्या 2100360 पबकेम सीआईडी 11776 आरटीईसीएस संख्या SZ3500000 inchi Inchi 1S C18H15P c141016 19 ...
संख्या 2100360 पबकेम सीआईडी 11776 आरटीईसीएस संख्या ZS300000 icnhi Ichi 1 S C 18H15P c141016 19 1814839158 h115H कुंी RIOQSEWXOXDEQUH FFFAOYSAN Inchi 1 C18H1 5 c141016 19 18148391518 h115H कुंजी RIQOSEWOXDEQQUHFFFAOYAH मुस्कान c3 c c2cccc2c cccc3 गुण रासायनिक सूत् र सी 18 एच 15 पी अु भार 2622 9 जी एमएओल 1 दिखवाट स फेद ठ...
P c141016 19 18148391518 h115H कुंजी RIOQSEWOXXDEQQUHFFFAOYSAN Inchi 1 C18H15P c141016 19 18148391518 h115H कुंजी RIOQSEWOXXDEQQUHFFFAOYAH मुस्कान c3c c2ccccc2 cccc3 गुण रासायनिक सूत्र सी 18 एच 15 पी अणु भार 2622 9 जी एमओएल 1 दिखावट सफेद ठोस घनत्व 11 जी सेमी 3, ठोस गलनांक 80 डिग्री सेल्सियस क्वथनांक 377 डिग्री सेल्सियस...
9 जी एमएओल 1 दिखवाट स फेद ठ ोस नत्व 11 जी सेमी 3, ठोस गलनांक 80 डग्िरी सेल्सयस ्वथन ांक 377 ड्गरी सेल्स ियस पानी में घुलश ीलता अुलनशील घुल नशीलता ऑर्गेनिक सॉल ्वेटं अम्लता 764चुंबक ी य संेवद नशीलता 1668 10 6 सेमी 3 एमओएल अपवर्तक सूचकांक 15 9 आर,, आदि संरचना आणविक आकार प िरामिड दविध्रुव आघू र्ण 14 144 डी तरों सुरक्ष ा ड...
सेल्सियस क्वथनांक 377 डिग्री सेल्सियस पानी में घुलनशीलता अघुलनशील घुलनशीलता ऑर्गेनिक सॉल्वेंट अम्लता 764 चुंबकीय संवेदनशीलता 1668 10 6 सेमी 3 एमओएल अपवर्तक सूचकांक 159 आर, आदि संरचना आणविक आकार पिरामिड द्विध्रुव आघूर्ण 14 144 डी खतरों सुरक्षा डाटा शीट जेटी बेकर ईयू वर्गीकरण असुचीब्द्ध आरवाक्यांश आर 20 आर 22 आर 40 आर 43...
साफ करिए: संयुक्त प्रीम ेडिकल टेस्ट या स ीपीएटमी कए प्रितयोगिता पर ीक्षा ै। इसके परिणाम के आधार पर भा के मेिडकल कालेजों मे ं प्रवेश दि या जाता है।। जीवविज्ञान विषय के साथ 12t h उीरत्ण करने क े बाद इस प्रति योगता परीक्षा में बैठा जा स कता है।। इसमें जीवविज्ञान,, भौतिकी और रा यन शास्त् र विषयों में अब्यर्थ्ों के ज्ञान की...
संयुक्त प्रीमेडिकल टेस्ट या सीपीएमटी एक प्रतियोगिता परीक्षा है। इसके परिणाम के आधार पर भारत के मेडिकल कालेजों में प्रवेश दिया जाता है। जीवविज्ञान विषय के साथ 12th उतीर्ण करने के बाद इस प्रतियोगिता परीक्षा में बैठा जा सकता है। इसमें जीवविज्ञान, भौतिकी और रसायन शास्त्र विषयों में अब्यर्थ्यों के ज्ञान की परीक्षा होती है।
व्याकरण सुधारें: होलकर वजि्ञान महाविद्यालय इन्दौर का एक महाविद्यालय है जिसमें विज्ञान विषयों की शिक्षा की अचछ्ीव ्यवस्था है। यह महाविद्यालय इन्दौर में आगराबम्बई मार्ग प र भवंरकुँआ चौराहे के पास है।। 10 जू 1891 में होलकर वंशक ेमहाराजा शिवाजीराव होलकर नेइसी आधारशला र खी।।यह 36 एकड के भू भाग में फैला हुआ हैएवं वर्तमान में...
होलकर विज्ञान महाविद्यालय इन्दौर का एक महाविद्यालय है जिसमें विज्ञान विषयों की शिक्षा की अच्छी व्यवस्था है। यह महाविद्यालय इन्दौर में आगराबम्बई मार्ग पर भवंरकुँआ चौराहे के पास है। 10 जून 1891 में होलकर वंश के महाराजा शिवाजीराव होलकर ने इसकी आधारशिला रखी।यह 36 एकड के भू भाग में फैला हुआ है एवं वर्तमान में गणित एवं जीववि...
वर्तमान में गणित एवं जीवविज्ञान संकाय के 1 0 से अधिक विभाग संचालित है।।यशवंत हाल, रेड बिल्डिंग,एकेडमिक हाल यहा के परमुख शिक्षण और स ाित्यिक केंद्र है।वर्तमान में यहां पर स्नातक और सा्तकोत्तर के 30 ेस अधिक पाठयक्रम संचालति हो रहे ैं।। 1985 में इस महाविद्ालय ो आदर्श ाक जबकि 1988 में यह स्वशासी का दर्ज दिया गया।। वर्ष 205...
संचालित है।यशवंत हाल, रेड बिल्डिंग,एकेडमिक हाल यहां के प्रमुख शिक्षण और साहित्यिक केंद्र है।वर्तमान में यहां पर स्नातक और स्ातकोत्तर के 30 से अधिक पाठयक्रम संचालित हो रहे हैं। 1985 में इस महाविद्यालय को आदर्श का जबकि 1988 में यह स्वशासी का दर्जा दिया गया। वर्ष 20152016 में इसे नेक NACC द्वारा ए ग्रेड प्रदान किया गया है...